सिमरी बख्तियारपुर. नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर ने सरकारी आदेशों की अवहेलना एवं संविदा की शर्तों के घोर उल्लंघन के मामले में दो अलग-अलग संवेदक फर्मों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते उनके कार्यादेश तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. साथ ही दोनों फर्मों को आगामी पांच वर्षों के लिए नगर परिषद की सभी प्रकार की निविदाओं एवं कार्यों में भाग लेने से प्रतिबंधित करते ब्लैकलिस्ट कर दिया है. नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी रामविलास दास द्वारा जारी अलग अलग पत्रों में यह कार्रवाई की गयी है. दोनों पत्र नौ जून को निर्गत किया गया है.
हाई मास्ट टावर लाइट लगाने वाली फर्म पर गिरी गाज
नगर परिषद द्वारा जारी पत्रांक 742 के अनुसार राजस्थान के हनुमानगढ़ स्थित श्री राम इंटरप्राइजेज को 60 अदद हाई मास्ट टावर लाइट लगाने का कार्य दिया गया था. नगर परिषद ने अपने आदेश में कहा कि फर्म द्वारा समय समय पर नप की ओर से निर्गत कई पत्रों की लगातार अनदेखी की गयी. इसके अलावा सरकारी आदेशों का पालन नहीं किया गया. संविदा एकरारनामा की शर्तों का उल्लंघन किया गया. इसके आलोक में फर्म को जारी कार्यादेश संख्या 254 दिनांक 25 मार्च 2025 को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया. बताते चले कि नप क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में हाई मास्ट लाइट लगाने की योजना नप प्रशासन के द्वारा बनाई गयी थी. उक्त संवेदक द्वारा नगर के करीब सभी वार्डों में हाई मास्ट लाइट का खंभा खड़ा कर दिया गया. खंभा खड़ा करने के करीब एक साल से अधिक बीत जाने के बाद अब तक लाइट नहीं लगाई गई. जिसके कारण नगर प्रशासन पर लगातार सवाल खड़ा हो रहे थे.साइन बोर्ड आपूर्ति करने वाली कंपनी भी हुई ब्लैकलिस्ट
वहीं पत्रांक 743 के माध्यम से राजस्थान की पांडव मैन्युफैक्चरिंग कंपनी पर भी कार्रवाई की गयी है. कंपनी को कुल 490 अदद रेट्रो रिफ्लेक्टिव शीट साइन बोर्ड आपूर्ति करने का कार्य आवंटित किया गया था. नगर परिषद के अनुसार कंपनी द्वारा भी कार्यालय के कई पत्रों को लगातार नजरअंदाज किया गया एवं सरकारी निर्देशों व संविदा की शर्तों का पालन नहीं किया गया. इसके कारण कंपनी को जारी कार्यादेश संख्या 255 दिनांक 25 मार्च 2025 को तत्काल प्रभाव से रद कर दिया गया.
