नेचर्स नर्सरी में मिल रहा दुनिया का सबसे महंगा आम का पौधा

जिला मुख्यालय के कायस्थ टोला स्थित नेचर्स नर्सरी इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

वैज्ञानिक तरीके से तैयार किये गये हैं पौधे

सहरसा. जिला मुख्यालय के कायस्थ टोला स्थित नेचर्स नर्सरी इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. जहां दुनिया के सबसे महंगे आमों में शामिल मियाजाकी आम के पौधे उपलब्ध हैं. मियाजाकी आम अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक लाख रुपये प्रति किलो तक की कीमत में बिकता है. अब इसका पौधा सहरसा की इस नर्सरी में भी लोगों को मिल रहा है. नेचर्स नर्सरी में सिर्फ मियाजाकी आम ही नहीं, बल्कि कस्तूरी आम, च्यांग आम, सुंदरी आम जैसी कई दुर्लभ एवं उन्नत किस्मों के आम के पौधे उपलब्ध हैं. खास बात यह है कि ये सभी पौधे वैज्ञानिक तरीके से तैयार किये जाते हैं. जिससे पौधों की गुणवत्ता एवं उत्पादन क्षमता बेहतर रहती है. यही वजह है कि दूर-दराज से किसान, बागवानी प्रेमी एवं आम उत्पादक इस नर्सरी तक पहुंच रहे हैं. नर्सरी संचालक के अनुसार, यहां उपलब्ध आम के पौधे कम समय में फल देने वाले एवं अच्छी गुणवत्ता के होते हैं. मियाजाकी आम का पौधा खास तौर पर उन किसानों एवं बागवानों के लिए है, जो पारंपरिक खेती से हटकर कुछ अलग व अधिक मुनाफे वाला प्रयोग करना चाहते हैं. आम के पौधों के साथ-साथ नेचर्स नर्सरी में फूलों की भी कई किस्में उपलब्ध हैं. यहां सजावटी फूलों से लेकर मौसमी एवं बारहमासी फूलों के पौधे मिलते हैं. जो घरों, बगीचों एवं पार्कों की शोभा बढ़ाने के लिए काफी पसंद किये जा रहे हैं. इसके अलावा नर्सरी में आयुर्वेदिक एवं औषधीय पौधे भी उपलब्ध कराये जाते हैं. जिनकी मांग लगातार बढ़ रही है.

इस नर्सरी के संचालक योगेंद्र कुमार योगी ने बताया कि वे साल 1990 से इस व्यवसाय से जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि यह जिले की सबसे पुरानी नर्सरी में से एक है. जहां हर तरह के पौधे उपलब्ध कराने की कोशिश की जाती है. उन्होंने कि यहां लोगों को बाजार से काफी कम दर पर पौधे दिये जाते हैं. जिससे किसान एवं आम लोग आसानी से बागवानी की ओर आकर्षित हो सके. उन्होंने बताया कि सीजन के अनुसार पौधों की उपलब्धता रखी जाती है, जिससे ग्राहकों को सही समय पर सही पौधा मिल सके. यही कारण है कि नेचर्स नर्सरी आज किसानों एवं बागवानी प्रेमियों के लिए एक भरोसेमंद व बेहतरीन विकल्प बन चुकी है. उन्होंने कहा कि अब उन्हें बेटे एवं बहू नर्सरी की देखभाल में जुटे हैं. बहू सुगंधा खास दिलचस्पी लेकर नर्सरी का संचालन कर रही है एवं लोगों की सेवा में जुटी है. उन्होंने कहा कि हर एक पौधे की देखभाल सुगंधा पुत्रवत करती है एवं नर्सरी को और आगे ले जाने में जुटी है. जिससे लोगों को उत्तम कोटी का फलदार व पूल के पौधे उपलब्ध हो सके.

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By Dipankar Shriwastaw

Dipankar Shriwastaw is a contributor at Prabhat Khabar.

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