प्रभारी मंत्री ने 24 घंटे में कार्रवाई का दिया आश्वासन, प्रस्तावित आक्रोश मार्च स्थगित सहरसा. प्रभात खबर डिजिटल के संवाददाता अभिषेक कुमार के साथ सदर अस्पताल में 12 सितंबर को कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना को लेकर जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. पत्रकारों के प्रस्तावित आक्रोश मार्च को देखते हुए जिला प्रशासन के साथ जिले के प्रभारी मंत्री सह शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी सक्रिय हुए. सोमवार को प्रस्तावित मार्च से पहले प्रभारी मंत्री ने जिले के वरिष्ठ पत्रकारों से फोन पर संपर्क कर उन्हें मुलाकात के लिए आमंत्रित किया. मुलाकात के दौरान उन्होंने घटना की जानकारी ली और दोषियों के विरुद्ध अगले 24 घंटे के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया. इसके बाद तत्काल आक्रोश मार्च स्थगित कर दिया गया.
वरिष्ठ पत्रकारों से प्रभारी मंत्री ने ली घटना की जानकारी
प्रभारी मंत्री के आमंत्रण पर प्रभात खबर के ब्यूरो प्रभारी दीपांकर श्रीवास्तव, दैनिक भास्कर के ब्यूरो प्रभारी नवीन निशांत, दैनिक जागरण के ब्यूरो प्रभारी कुंदन कुमार सिंह, हिंदुस्तान के ब्यूरो प्रभारी नीरज कुमार सिंह और डीडी न्यूज के आनंद कुमार झा ने उनसे मुलाकात की.
इस दौरान वरिष्ठ पत्रकारों ने सदर अस्पताल में संवाददाता के साथ हुई घटना की विस्तृत जानकारी प्रभारी मंत्री को दी. मंत्री ने कहा कि घटना उनके संज्ञान में है और मामले में दोषियों के खिलाफ अगले 24 घंटे के अंदर कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में दोषियों को बचने नहीं दिया जाएगा.
आश्वासन के बाद तत्काल स्थगित हुआ आक्रोश मार्च
घटना के विरोध में रविवार को जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी. बैठक में सोमवार सुबह 10 बजे वीर कुंवर सिंह चौक से समाहरणालय तक आक्रोश मार्च निकालने का निर्णय लिया गया था.
सोमवार सुबह से ही पत्रकारों का वीर कुंवर सिंह चौक पहुंचना शुरू हो गया था. इसी बीच प्रभारी मंत्री से हुई वार्ता और कार्रवाई के आश्वासन के बाद मार्च को तत्काल स्थगित करने का निर्णय लिया गया.
आक्रोश मार्च को युवाओं का मिला व्यापक समर्थन
प्रस्तावित आक्रोश मार्च को राजनीतिक दलों से जुड़े युवाओं के साथ स्थानीय लोगों का भी व्यापक समर्थन मिला. बड़ी संख्या में युवा सुबह करीब नौ बजे ही वीर कुंवर सिंह चौक पहुंच गये थे.
मौके पर मौजूद लोगों ने घटना की निंदा करते हुए चिकित्सक डॉ एसके आजाद, सदर अस्पताल की हेल्थ मैनेजर सिम्पी कुमारी सहित अन्य आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. लोगों का कहना था कि पत्रकार के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना गंभीर है और इसमें निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए.
24 घंटे की समय-सीमा को लेकर भी दिखा आक्रोश
वीर कुंवर सिंह चौक पर जुटे लोगों में घटना को लेकर काफी आक्रोश देखा गया. कई लोग 24 घंटे की निर्धारित समय-सीमा का इंतजार करने के पक्ष में नहीं दिखे और तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे. हालांकि प्रभारी मंत्री के आश्वासन के बाद पत्रकारों और समर्थकों ने फिलहाल आक्रोश मार्च स्थगित कर दिया. अब निगाह अगले 24 घंटे में प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर है.
कार्रवाई नहीं हुई तो आगे की रणनीति पर नजर
प्रभारी मंत्री के आश्वासन के बाद फिलहाल आंदोलन को टाल दिया गया है. हालांकि पत्रकारों के बीच घटना को लेकर नाराजगी बनी हुई है. अब निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई होती है या नहीं, इसी के आधार पर आगे की रणनीति तय होने की संभावना है.
