बाबा मटेश्वर धाम में जलाभिषेक को लेकर आयोजित होने वाले मटेश्वर महोत्सव का गुरुवार रात राजघाट पर भव्य आगाज हुआ. इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कलाकारों ने देर रात तक भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी. भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और पूरा राजघाट परिसर देर रात तक भक्तिमय माहौल में डूबा रहा. शुक्रवार को स्नान और पूजा-अर्चना के बाद कांवरिये गंगाजल भरकर 216 फीट की विशाल कांवर के साथ बाबा मटेश्वर धाम के लिए कांवर यात्रा शुरू करेंगे.
गंगाजल लेकर 216 फीट कांवर के साथ निकलेंगे कांवरिये
शुक्रवार को राजघाट पर स्नान और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु गंगाजल भरेंगे. इसके बाद 216 फीट लंबी विशाल कांवर को कंधे पर लेकर कांवरिये पदयात्रा करते हुए बाबा मटेश्वर धाम के लिए रवाना होंगे.
विशाल कांवर यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है. यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है. कांवर यात्रा के साथ भक्ति और धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहेगा.
खगड़िया में दो घंटे विश्राम, मानसी में होगा रात्रि ठहराव
कांवर यात्रा के दौरान श्रद्धालु खगड़िया में करीब दो घंटे विश्राम करेंगे. विश्राम के बाद कांवर यात्रा मानसी के लिए रवाना होगी. मानसी में कांवरियों के रात्रि ठहराव की व्यवस्था की गई है.
मानसी में श्रद्धालुओं के लिए भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा. यहां कांवरियों के विश्राम के साथ भक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए माहौल भक्तिमय बनाया जाएगा.
मां कात्यायनी स्थान पर होगा दिन का ठहराव
मानसी से यात्रा आगे बढ़ने के बाद शनिवार दोपहर कांवरिये मां कात्यायनी स्थान पहुंचेंगे. यहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना करेंगे और कुछ समय विश्राम करेंगे. इसके बाद कांवर यात्रा अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना होगी.
मां कात्यायनी स्थान पर भी कांवरियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं. श्रद्धालु यहां पूजा के बाद आगे की यात्रा शुरू करेंगे.
सिमरी बख्तियारपुर में 216 फीट कांवर के साथ पहुंचेगी यात्रा
शनिवार रात 216 फीट की विशाल कांवर के साथ कांवरिये सिमरी बख्तियारपुर हाई स्कूल मैदान पहुंचेंगे. यहां कांवरियों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था बोल बम सेवा समिति के अध्यक्ष शंकर भगत के नेतृत्व में की जाएगी.
कांवरियों के मनोरंजन और धार्मिक माहौल को ध्यान में रखते हुए हाई स्कूल मैदान में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा. भक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच कांवरिये रात्रि विश्राम करेंगे. इसके बाद बाबा मटेश्वर धाम में जलाभिषेक के लिए यात्रा आगे बढ़ेगी.