खुद से हाजिरी बनाकर स्कूल से नहीं भाग पायेंगे मास्टर साहब

खुद से हाजिरी बनाकर स्कूल से नहीं भाग पायेंगे मास्टर साहब

एचएम के सरकारी टैब से अब स्कूल में ही बनेगी उपस्थिति टैब से शिक्षकों व बच्चों की डिजिटल उपस्थिति बनाने वाला प्रखंड का पहला स्कूल बना प्राथमिक विद्यालय डुमरा राजेश डेनजील, नवहट्टा एक समय था जब सरकारी शिक्षक सप्ताह में एक-दो दिन ही सरकारी विद्यालय पहुंचते थे और पूरे सप्ताह की हाजिरी बनाकर घर चले जाते थे. इस पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षा कोष मोबाइल एप जारी कर सभी विद्यालयों का लोकेशन रजिस्ट्रेशन कराया. इसके बाद विद्यालय के 500 मीटर के दायरे में पहुंचते ही शिक्षक मोबाइल से उपस्थिति बनाने लगे. लेकिन धीरे-धीरे इसमें भी सेंधमारी होने लगी. सुबह समय पर स्कूल पहुंचकर शिक्षक उपस्थिति बना लेते थे, लेकिन दिन के आधे समय में ही विद्यालय से निकलकर घर चले जाते और वहीं से स्कूल से आउट हो जाते थे. इस व्यवस्था की प्रभावी मॉनिटरिंग विभाग के लिए कठिन साबित हो रही थी.अब शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को डिजिटल टैब उपलब्ध कराया है. टैब के माध्यम से सभी शिक्षकों का आधार और आंख के पुतले से रजिस्ट्रेशन किया गया है. प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया गया है कि शिक्षकों व बच्चों की सुबह और शाम दोनों समय की उपस्थिति टैब से ही बनायी जाये. यह टैब विद्यालय परिसर से बाहर काम नहीं करेगा. नवहट्टा प्रखंड का पहला विद्यालय प्राथमिक विद्यालय डुमरा बन गया है, जहां सभी शिक्षकों की उपस्थिति अब मोबाइल टैब से दोनों समय डिजिटल रूप में बन रही है. उपस्थिति के साथ फोटो भी अपलोड हो रहा है. विद्यालय में उपस्थित बच्चों की भी डिजिटल हाजिरी बनायी जा रही है. एक बेंच पर बैठे चार बच्चों की एक साथ उपस्थिति दर्ज की जायेगी, ताकि मध्यान्ह भोजन सहित किसी भी योजना में बच्चों की उपस्थिति को लेकर फर्जीवाड़ा न हो सके. प्राथमिक विद्यालय डुमरा के प्रधानाध्यापक धनंजय कुमार झा ने बताया कि शिक्षा विभाग से प्राप्त टैब के माध्यम से सभी शिक्षकों का रजिस्ट्रेशन कर दिया गया है. एक शिक्षक के बिना सूचना अनुपस्थित रहने के कारण उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है. सभी शिक्षकों की सुबह और शाम की उपस्थिति अब क्लास रूम में फोटो के साथ बनायी जा रही है. उन्होंने बताया कि लगभग सभी बच्चों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है. करीब पांच प्रतिशत बच्चे पिछले एक सप्ताह से विद्यालय नहीं आये हैं. उनके अभिभावकों को सूचना देकर शीघ्र बच्चों को विद्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है, ताकि उनका रजिस्ट्रेशन हो सके और पठन-पाठन व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके. अब प्रधानाध्यापक के माध्यम से ही ऑनलाइन टैब से उपस्थिति बनेगी. शिक्षक आधी ड्यूटी काटकर रास्ते में जाकर विद्यालय से आउट नहीं हो पायेंगे. उन्हें निर्धारित समय तक विद्यालय में रहकर बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करनी होगी.

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By Dipankar Shriwastaw

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