हाॅस्पिटल के कंप्यूटर के डाटा में छेड़छाड़ कर गबन की गयी राशि
पांच वर्षों के दौरान गबन करने का है मामला
सहरसा. सूर्या हाॅस्पिटल के मैनेजर व लेखापाल की मिलीभगत से हाॅस्पिटल से लाखों रुपये गबन किए जाने का मामला प्रकाश में आया है. इस संदंर्भ में सूर्या हाॅस्पिटल के निदेशक डाॅ विजय शंकर ने सदर थाना में आवेदन देकर नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है. सदर थाना को दिए गए आवेदन में कहा कि सूर्या हाॅस्पिटल में सोनू कुमार मैनेजर एवं एलेन फिडेलिस लेखापाल के रूप में वर्षों से कार्यरत था. प्रबंधक व लेखापाल दोनों मिलकर ही मरीजों से पैसों का लेनदेन करते थे. पिछले पांच वर्षों में मिलीभगत कर कंप्यूटर में छेड़छाड़ कर करीब 70-80 लाख रुपये का गबन कर लिया है. पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रबंधक व लेखापाल ने सूर्या हाॅस्पिटल से लाखों रुपये का बंदरबांट आपस में कर लिया. आठ फरवरी 2026 को जब रोगियों द्वारा जमा किए गए रुपये एवं दिए गए रुपये का हिसाब किया तो दोनों में विरोधाभास लगा. इसके बाद नौ फरवरी को दोनों को बुलाकर जब विश्वास में लेकर पूछताछ की तो दोनों ने स्वीकार किया कि हम दोनाें पिछले पांच वर्षों से कंप्यूटर में छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी एवं ठगी करने की नीयत से अलग-अलग खाता बनाकर धोखाधड़ी कर रुपया गबन कर लेते थे.
दोनों ने कंप्यूटर का दो वर्ष का डाटा भी किया डिलीट
निदेशक ने आवेदन में यह भी कहा कि दोनों आरोपितों ने कंप्यूटर का दो वर्ष का डाटा भी डिलीट कर दिया है, लेकिन तीन वर्ष के मिले डाटा के मुताबिक प्रबंधक सोनू व लेखापाल एलेन ने करीब 48 लाख रुपये का गबन कर लिया है. दोनों ने यह भी कहा कि सूर्या हॉस्पिटल से किए गए गबन की राशि से घर निर्माण सहित परिवारवालों पर पैसा खर्च कर दिया. सोनू ने कहा कि उसी पैसे से अपनी पत्नी को दुकान खुलवाया. गबन व चोरी की बात स्वीकार करने पर सोनू कुमार ने दो लाख 22 हजार रुपये एवं एलेन ने दो लाख 63 हजार रुपये वापस लौटाये. शेष राशि के लिए एक पखवारा का समय मांगा. समय की अवधि पूरी होने के बाद भी गबन की हुई राशि नहीं लौटाए जाने पर निदेशक ने सदर थाना में आरोपितों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है. इधर सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने कहा कि गबन व धोखाधड़ी के मामले को लेकर सोनू कुमार, पिता नागेश्वर ठाकुर, पत्नी रानी देवी, भाई रीतू कुमार, एलेन फिडेलिस, पत्नी पूजा कुमारी, पिता जूलियस फिडेलिस, माता एडलिन फिडेलिस के विरुद्ध मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
