मक्का, गेहूं, आम और लीची की फसलों को हुआ भारी नुकसान

अंचल क्षेत्र में मंगलवार रात एक बार फिर आंधी-तूफान और ओलावृष्टि हुई.

बनमा ईटहरी. अंचल क्षेत्र में मंगलवार रात एक बार फिर आंधी-तूफान और ओलावृष्टि हुई. यह 20 मार्च के बाद तीसरी घटना है, जिसने मक्का, गेहूं, आम और लीची की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. इस प्राकृतिक आपदा से कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसलें खेतों में बिछ गयी, वहीं मक्का के पत्तों को ओलों से भारी क्षति पहुंची. अक्तूबर और नवंबर में बोई गयी मक्का की फसलें कमर से टूटकर पूरे खेतों में फैल गयी. आंधी-तूफान के कारण सहुरिया, घौडदोर, ईटहरी, जमालनगर, रसलपुर, सरबेला, ईटहरी, महारस समेत अन्य पंचायतों के कई परिवारों के घरों के छत की चादरें उड़ गयी, जिससे वे खुले आसमान के नीचे आ गये. पीडित गृह स्वामी सुगमा के अमरेंद्र यादव, परसबन्नी के रनवीर यादव, सुगमा के शंभु शर्मा, सरबेला के रकीब, मुख्तार, अख्तर, जमालनगर के मो शीकल ठढिया, अम्बाडीह के वार्ड नंबर सात निवासी मुकेश मेहता, मो सहाब, मो तनवीर, मो मुर्शीद, रविंद्र मेहता, महेंद्र सादा, श्याम कुमार, धनेश्वर साह, बिजेन साह, केदार साह आदि ने बताया कि ऐसी बर्बादी कभी नहीं देखे थे. हर तरफ तबाही का मंजर सामने नजर आ रहा था. बड़े-बड़े पत्थर गिर रहे थे. मालूम हो कि इस आंधी ने पूरी तरह से अब फसल को बर्बाद कर दिया है. घौड़दोर एवं सहुरिया में ज्यादातर क्षति हुई है. बिजली आपूर्ति सेवा पिछले 18 घंटे से बाधित है. कनीय अभियंता नंदकिशोर कुमार ने कहा कि बिजली आपूर्ति प्रारंभ करने को कार्य प्रारंभ है. दूसरी ओर आम के मंजर को भी भारी क्षति हुई है. सरबेला में नल-जल योजना की पानी टंकी ध्वस्त हो गयी है. इस सबंध में अंचल अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि आंधी से नष्ट हुए घरों की जानकारी मिल रही है. जांच भी हमारे द्वारा की जा रही है. आवेदन प्राप्त होने पर मुआवजा दिया जायेगा.

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By Dipankar Shriwastaw

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