सहरसा. बिहार राज्य निर्माण कामगार यूनियन जिला कमेटी की ओर से मजदूर पड़ाव पूरब बाजार हटिया गाछी में बुधवार को केंद्र सरकार के द्वारा चार लेबर कोड कानून के विरोध में सैकड़ों की संख्या में मजदूरों ने काला पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया. साथ ही आक्रोश जताते केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते चार लेबर कोड रद्द करने की मांग की. यूनियन नेता नसीमउद्दीन, दुखी शर्मा, नसीम मिस्त्री, असलम मिस्त्री, मो सलाम के संयुक्त रूप से संबोधित किया. जिला सचिव नसीमउद्दीन ने कहा कि आजादी से पहले मजदूरों को कल कारखाने, फैक्ट्री में भेड़ बकरी की तरह काम कराया जाता था एवं मजदूरी भी सही ढंग से नहीं दिया जाता था. बदतर जिंदगी जी रहे मजदूरों ने संगठित होकर संघर्ष तेज कर अपना हक अधिकार के लिए मजदूरों ने लड़ाई लड़ी. जिसमें सैकड़ों मजदूरों शहीद भी हुए. तब जाकर 1926 में श्रम संगठन एक्ट बना. इसी आधार पर आजादी के बाद मजदूरों का 44 कानून बना. इसी हक अधिकार को मजदूर किसान विरोधी केंद्र की भाजपा सरकार रद्द कर चार चार लेबर कोड कानून लागू कर मेहनतकश मजदूरों, किसानों का शोषण दोहन करने का कानून बनाया है. जब तक चार लेबर कोड विल वापस नहीं होगा, तब तक आंदोलन को धारदार बना कर संघर्ष तेज किया जायेगा. काला दिवस में सीटू से जुड़े सदस्य रंजीत शर्मा, मो अली, संजूर, नौसाद, इनमूल, मुर्शिद आलम, मो जब्बार, मो क़ासिम, गोविंद राम सहित बड़ी संख्या में श्रमिक मजदूर शामिल थे.
चार लेबर कोड बिल के विरोध में सीटू ने मनाया काला दिवस, कानून वापस लेने की मांग
केंद्र सरकार के द्वारा चार लेबर कोड कानून के विरोध में सैकड़ों की संख्या में मजदूरों ने काला पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया.
