खगना नदी में डूबी किशोरी का दूसरे दिन भी नहीं मिला शव, ग्रामीणों में आक्रोश

प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत खगना नदी स्थित रेल पुल संख्या 44 के नीचे मंगलवार को कपड़ा धोने के दौरान डूबी किशोरी का शव घटना के दूसरे दिन बुधवार की शाम तक भी बरामद नहीं किया जा सका.

गोताखोर नहीं बुलाने पर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

सलखुआ. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत खगना नदी स्थित रेल पुल संख्या 44 के नीचे मंगलवार को कपड़ा धोने के दौरान डूबी किशोरी का शव घटना के दूसरे दिन बुधवार की शाम तक भी बरामद नहीं किया जा सका. इसको लेकर परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है. जानकारी के अनुसार, हरिपुर गांव निवासी मनोहर ठाकुर की 13 वर्षीय पुत्री सोनी कुमारी एवं अशोक ठाकुर की 14 वर्षीय पुत्री सरस्वती कुमारी मंगलवार को दिन के करीब 12 बजे खगना नदी में कपड़ा धोने गयी थी. इसी दौरान दोनों गहरे पानी में डूबने लगी. मौके से गुजर रहे राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए पानी में छलांग लगाकर सरस्वती कुमारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि सोनी कुमारी नदी की तेज धारा में लापता हो गयी. घटना की सूचना मिलते ही परिजन एवं ग्रामीण मौके पर पहुंचे और स्थानीय स्तर पर किशोरी की खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. सूचना पर अंचल प्रशासन एवं थाना के पदाधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और खोज अभियान चलाया गया, फिर भी किशोरी का कोई पता नहीं चल सका.

एसडीआरएफ की कार्रवाई पर उठे सवाल

परिजनों का आरोप है कि घटना के करीब चार घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन टीम के साथ प्रशिक्षित गोताखोर नहीं थे. टीम ने केवल नाव के सहारे झग्गर डालकर खोजने का प्रयास किया, जो नाकाफी साबित हुआ. मृतका के पिता मनोहर ठाकुर एवं चाचा अखिलेश ठाकुर ने विलाप करते हुए बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन से गोताखोर बुलाने की मांग की, लेकिन उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि अगर समय रहते गोताखोर पहुंचते तो उनकी बेटी का शव बरामद हो सकता था. मुखिया एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रयास के बावजूद दूसरे दिन भी गोताखोर नहीं पहुंच सका. वहीं ग्रामीणों ने भी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना गोताखोर के एसडीआरएफ टीम को बुलाना केवल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग है. लोगों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा गंभीरता नहीं दिखाए जाने के कारण अब तक किशोरी का शव नहीं मिल सका. परिजनों ने बीडीओ से भी गोताखोर उपलब्ध कराने की गुहार लगायी है. इस संबंध में बीडीओ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी से संपर्क कर गोताखोर की व्यवस्था की जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Dipankar Shriwastaw

Dipankar Shriwastaw is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >