एक बार फिर गर्मी सातवें आसमान पर, सुबह से ही लोग पसीने से तर-बतर

सहरसा में पिछले 10 दिनों की राहत के बाद एक बार फिर गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे तापमान 36 डिग्री के पार पहुंच गया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवा में उमस बढ़ने से बेचैनी है और कोसी क्षेत्र में 13 से 15 जून के बीच ही मॉनसून की दस्तक होगी.

सहरसा से से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट: पिछले लगभग 10 दिनों तक उमस और चिलचिलाती धूप से थोड़ी राहत मिलने के बाद, कोसी क्षेत्र में एक बार फिर से मौसम का मिजाज बेहद तल्ख हो चला है. सुबह होते ही सूरज की तीखी किरणों और बढ़ती तपिश के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है. इस तपती गर्मी के कारण रोजमर्रा की कमाई पर निर्भर रहने वाले दिहाड़ी मजदूर और गरीब तबके के लोग खासे परेशान हैं. मौसम के इस आक्रामक रुख को देखकर आमजन अब झुलसाने वाली गर्मी से भयभीत होने लगे हैं.

पंखे हो रहे फेल, ऊपर से बिजली की आंख-मिचौनी ने बढ़ाई आफत

शहरी और ग्रामीण इलाकों में हालात यह हैं कि घरों के भीतर चल रहे पंखे भी अब गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे लोगों को कोई राहत नहीं मिल पा रही है. इस पर कोढ़ में खाज का काम बिजली की लगातार जारी आंख-मिचौनी कर रही है. खासकर ग्रामीण इलाकों में बार-बार बिजली आने-जाने (लो वोल्टेज और ट्रिपिंग) से लोग रात-रात भर सोने को तरस रहे हैं. दोपहर के समय राहगीर धूप से बचने के लिए पेड़ों की छांव और सार्वजनिक प्याऊ के आसपास समय बिताने को मजबूर हैं.

पूर्वानुमान के उलट तप रहा है सहरसा, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़

हैरानी की बात यह है कि मौसम पूर्वानुमान में पिछले चार दिनों से आंधी-पानी और तेज हवाओं की संभावना जताई जा रही है, लेकिन इसके ठीक विपरीत मौसम दिन-प्रतिदिन अधिक गर्म और शुष्क होता जा रहा है. इससे पहले अप्रैल महीने में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, लेकिन तब बीच-बीच में हुई वर्षा और तेज हवाओं ने तापमान को नियंत्रित कर लिया था.

वर्तमान में बढ़ रही इस भीषण उमस भरी गर्मी के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी तेजी से उभर रही हैं. सदर अस्पताल समेत निजी क्लीनिकों में इन दिनों:

  • तेज बुखार और सिर दर्द,
  • गले में इंफेक्शन (दर्द),
  • त्वचा पर खुजली व घमौरियां,
  • और अत्यधिक पसीने के कारण बेचैनी व डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में अचानक भारी इजाफा हुआ है.

बढ़ गई है ह्यूमिडिटी, 40 डिग्री तक जा सकता है पारा

अगवानपुर कृषि महाविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक जितेन्द्र कुमार ने बताया कि हवा में ह्यूमिडिटी (आर्द्रता/नमी) का ग्राफ काफी बढ़ गया है. यही कारण है कि तापमान कम होने के बावजूद लोगों को पसीना अधिक आ रहा है और वे बेचैनी महसूस कर रहे हैं. उन्होंने आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जिसके अगले कुछ दिनों में बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की प्रबल संभावना है.

सावधानी बरतने की अपील, जून के मध्य में मॉनसून की दस्तक

मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, कोसी क्षेत्र के किसानों और आम लोगों को इस भीषण गर्मी से स्थाई राहत जून के महीने में ही मिल पाएगी. उन्होंने बताया कि कोसी क्षेत्र में 13 जून से लेकर 15 जून के बीच मॉनसून की एंट्री होने की संभावना जताई जा रही है. तब तक मौसम विभाग ने आम लोगों से बेहद जरूरी काम होने पर ही दोपहर में बाहर निकलने, सूती कपड़े पहनने और शरीर में पानी की कमी न होने देने (ओआरएस या नींबू पानी का सेवन करने) की सख्त अपील की है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

Divyanshu Prashant is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >