Saharsa News: सहरसा जिले में जनचेतना, शिक्षा और सामाजिक सरोकार की अलख जगाने के लिए ज्ञान-विज्ञान समिति ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को नए सिरे से धार देना शुरू कर दिया है. रविवार को जिला कार्यालय भवानी नगर में आयोजित जिला कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक में संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए कई दूरगामी निर्णय लिए गए. बैठक की अध्यक्षता हृदय नारायण ने की, जबकि कुशल संचालन जिला सचिव हरिनारायण चौपाल द्वारा किया गया. बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि आगामी 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक तीन दिवसीय जिला स्तरीय चिंतन शिविर सह कार्ययोजना निर्माण कार्यशाला (कैडर कैंप) का भव्य आयोजन किया जाएगा.
भवानी नगर में जुटी जिला कार्यसमिति, डॉ. विधानंद यादव ने दिया भावी मार्गदर्शक मंत्र
बैठक के दौरान पिछली गतिविधियों और निर्णयों की गहन समीक्षा की गई, जिसके बाद भावी रणनीतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ. कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद पूर्व प्रांतीय महासचिव डॉ. विधानंद यादव ने उपस्थित पदाधिकारियों और सदस्यों का मार्गदर्शन किया. उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक आंदोलन की वास्तविक सफलता उसकी जनभागीदारी पर निर्भर करती है. डॉ. यादव ने संगठन का अपना बैंक खाता खोलने, वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने और गांव से लेकर प्रखंड स्तर तक समिति के कैडर तैयार करने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने आह्वान किया कि समिति को आम जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर मुखर होकर सक्रिय भूमिका निभानी होगी.
31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कैडर कैंप, तैयार होगी सांगठनिक रूपरेखा
कार्यसमिति की सहमति से तय किया गया कि 31 अक्टूबर, 1 नवंबर और 2 नवंबर को आयोजित होने वाले तीन दिवसीय चिंतन शिविर में जिला स्तर के सभी प्रमुख नेतृत्वकारी साथी हिस्सा लेंगे. इस कैडर कैंप का मुख्य उद्देश्य संगठन के आगामी रणनीतिक कार्यक्रमों का एक खाका (ब्लूप्रिंट) तैयार करना है. इस शिविर में ज्ञान, विज्ञान और सामाजिक चेतना से जुड़े अभियानों को जिले के कोने-कोने तक ले जाने का संकल्प लिया जाएगा.
जिला शिविर के बाद प्रखंडों में लगेंगी कार्यशालाएं, धरातल पर उतरेंगे प्रस्ताव
बैठक में यह रणनीति भी बनाई गई कि जिला स्तरीय चिंतन शिविर समाप्त होने के तुरंत बाद सभी प्रखंडों में सिलसिलेवार ढंग से प्रखंड स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा. इन प्रखंड कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य जिला शिविर में पारित प्रस्तावों और कार्ययोजनाओं को निचले स्तर तक लागू करना होगा. इसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और स्थानीय जनसमस्याओं जैसे जनसरोकार के मुद्दों को चिन्हित कर उनके समाधान के लिए जमीनी अभियान चलाए जाएंगे.
जिम्मेदारियों का बंटवारा और सामूहिक प्रयास से संगठन को जनोन्मुख बनाने का संकल्प
चिंतन शिविर के सफल संचालन और व्यवस्था प्रबंधन के लिए कार्यसमिति के सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं. इस बैठक को जिला कार्यकारिणी सदस्य अमीर राम, गजेंद्र कुमार, मनोज कुमार, जयकृष्ण, जहां आरा, कुमारी देवकला, मो. तैयबुद्दीन एवं अजय राम सहित कई वरिष्ठ सदस्यों ने संबोधित किया. सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि ज्ञान-विज्ञान समिति को अधिक सक्रिय, जीवंत और जनोन्मुख बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है.
Saharsa News: सामाजिक चेतना और ग्रामीण विकास पर पड़ेगा सीधा असर
ज्ञान-विज्ञान समिति का यह अभियान सहरसा जिले के ग्रामीण और कस्बाई अंचलों में सामाजिक जागरूकता का नया दौर ला सकता है. जब कैडर स्तर पर प्रशिक्षित कार्यकर्ता गांवों में पहुंचेंगे, तो साक्षरता, वैज्ञानिक सोच और जन-अधिकारों से जुड़े विषयों पर आम लोगों को लामबंद करने में मदद मिलेगी. 31 अक्टूबर से शुरू हो रहे इस चिंतन शिविर पर अब जिले भर के सामाजिक कार्यकर्ताओं की नजरें टिकी हैं.
Also Read: अनंत-नीरज की पुरानी सियासी जंग फिर चर्चा में, जानें 10 साल पुरानी सियासी दुश्मनी की पूरी कहानी
