'जय बाबा गणिनाथ' के जयकारों से गूंजा राजदेवी विवाह भवन: सिमरी बख्तियारपुर में धूमधाम से संपन्न हुई चौठारी पूजा, देखें अपडेट

गणिनाथ पूजनोत्सव के उपलक्ष्य में सिमरी बख्तियारपुर में चौठारी पूजा का आयोजन हुआ. वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और महाप्रसाद वितरण से भक्तों में उल्लास छाया रहा.

Saharsa News: सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद क्षेत्र का माहौल सोमवार की देर शाम पूरी तरह से भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा. मौका था प्रथम गणिनाथ पूजनोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य 'चौठारी पूजा' का. राजदेवी विवाह भवन में आयोजित इस पावन अनुष्ठान में दूर-दराज से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा परिसर 'जय बाबा गणिनाथ' और 'गोविंद भगवान' के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान हो उठा. ढोल, ताल और मृदंग की मधुर थान पर बजते भजनों के बीच भक्ति रस में सराबोर होकर झूमते शिव और बाबा गणिनाथ के भक्तों ने माहौल को अलौकिक बना दिया.

वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच विधि-विधान से हुई महापूजा

सोमवार की शाम ढलते ही पूजन स्थल पर धार्मिक अनुष्ठान का दौर शुरू हो गया. प्रकांड पंडितों और आचार्यों द्वारा उच्चारित वैदिक मंत्रों की गूंज और पवित्र शंखध्वनि के बीच बाबा गणिनाथ गोविंद जी का भव्य श्रृंगार कर विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन संपन्न कराया गया. पूजा स्थल पर धूप-दीप की सुगंध और दीपकों की रोशनी ने पूरे वातावरण में एक अनोखी आध्यात्मिक शांति भर दी. श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान गणिनाथ के चरणों में माथा टेका और अपने परिवार की सुख, शांति, समृद्धि तथा निरोगी काया की मंगल कामना की.

ताल और मृदंग की धुन पर देर रात तक भजनों में लीन रहे श्रद्धालु

पूजा-अर्चना के उपरांत शुरू हुआ भजन-कीर्तन का दौर, जो देर रात तक निरंतर चलता रहा. स्थानीय और आमंत्रित भजन गायकों ने जब बाबा गणिनाथ के महिमा गान से सजे मधुर भजनों की प्रस्तुति दी, तो उपस्थित श्रद्धालु खुद को रोक न सके. ताल, मंजीरा और मृदंग की संगीतमय धुनों पर महिला, पुरुष और बच्चे भक्ति में लीन होकर हाथ उठाकर नाचते-झूमते नजर आए. भजनों के हर बोल के साथ पूरा राजदेवी विवाह भवन परिसर आस्था के समंदर में गोता लगाता हुआ प्रतीत हो रहा था.

महाप्रसाद का वितरण और स्वयंसेवकों की निष्काम सेवा का दिखा अनूठा उदाहरण

धार्मिक अनुष्ठान और भव्य आरती के समापन के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया. हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रसाद ग्रहण किया. इस बड़े आयोजन को सुचारू और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवकों की टीम दिन-रात मुस्तैद दिखी. स्वच्छता, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया. आयोजन समिति और स्वयंसेवकों की इस निस्वार्थ सेवा भाव की हर किसी ने भूरि-भूरि प्रशंसा की.

Saharsa News: सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक धरोहर को संजोता यह पावन आयोजन

सिमरी बख्तियारपुर में आयोजित यह प्रथम गणिनाथ पूजनोत्सव न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान रहा, बल्कि इसने सामाजिक एकजुटता और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का एक बड़ा संदेश भी दिया. कार्यक्रम के अंत में जब सामूहिक रूप से 'जय बाबा गणिनाथ' का जयकारा लगाया गया, तो उसकी गूंज पूरे नगर परिषद क्षेत्र में सुनाई दी. श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में शांति, आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना मजबूत होती है और नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध धार्मिक परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलता है.

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लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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