सरकारी कार्य में बाधा, कर्मचारियों के संग अभद्र व्यवहार व कार्यालय घेराव का आरोप
सिमरी बख्तियारपुर. बीते दिनों नगर परिषद कार्यालय के हुए घेराव एवं प्रदर्शन के मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस मामले को लेकर नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर के अमीन भीम कुमार के आवेदन पर बख्तियारपुर थाना में छात्र नेता पुनपुन यादव सहित अन्य अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.बिना अनुमति कार्यालय परिसर में घुसने का आरोप
नगर परिषद के अमीन भीम कुमार ने बख्तियारपुर थाना को दिये आवेदन में पिछले चार जून के सुबह पुनपुन यादव के नेतृत्व में लगभग 50 लोगों की भीड़ नगर परिषद कार्यालय पहुंची. आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय परिसर में प्रवेश कर मुख्य गेट पर बैठ गये एवं धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. इससे कार्यालय का सामान्य कामकाज पूरी तरह ठप हो गया. आवेदन में कहा कि प्रदर्शनकारियों ने कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया एवं ऐसा भय का वातावरण बना दिया कि कई कर्मियों को अपनी सुरक्षा को लेकर कार्यालय से बाहर निकलना पड़ा. घटना के प्रत्यक्षदर्शियों में नगर प्रबंधक, कार्यालय परिचारी, सफाईकर्मी तथा अन्य कर्मियों के नाम भी उल्लेखित किए गये हैं.
वीडियो व डिजिटल साक्ष्य पुलिस को सौंपे
नगर परिषद की ओर से पुलिस को दिए गये आवेदन में दावा किया गया है कि पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों एवं अन्य वीडियो मोबाइल में कैद है. वहीं डिजिटल साक्ष्य पेन ड्राइव के माध्यम से भी पुलिस को उपलब्ध कराए गये हैं. आवेदन में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया एवं सरकारी कार्य में जानबूझकर बाधा पहुंचाई गयी.कई महीनों से आरोप-प्रत्यारोप का दौर
नगर परिषद कर्मी ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति पिछले कई महीनों से नगर परिषद के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लगातार बेबुनियाद एवं तथ्यहीन आरोप लगाते रहे हैं. इससे ना केवल सरकारी कार्य प्रभावित हुआ है, बल्कि क्षेत्र में भ्रम एवं असंतोष का माहौल भी बना है. इधर थाना में दर्ज प्राथमिकी में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, अवैध रूप से भीड़ जुटाने, कार्यालय में घुसकर व्यवधान उत्पन्न करने एवं कर्मचारियों को धमकाने से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराएं लगाई गयी है. थानाध्यक्ष ने मामले की जांच का जिम्मा दारोगा रामनाथ पासवान को सौंप दिया है.
