तबादले के बाद भी निगम के जेई के खाते में भेजी गयी लाखों की राशि

नगर निगम में हर ओर भ्रष्टाचार इस कदर व्याप्त है कि जिसे जहां मौका मिल रहा है, वहीं लूट में शामिल हो रहा है. जिस ओर नजर होती है वहीं भ्रष्टाचार का मामला सामने आने लगता है.

नगर निगम में फिर भ्रष्टाचार का मामला आया सामने सहरसा. नगर निगम में हर ओर भ्रष्टाचार इस कदर व्याप्त है कि जिसे जहां मौका मिल रहा है, वहीं लूट में शामिल हो रहा है. जिस ओर नजर होती है वहीं भ्रष्टाचार का मामला सामने आने लगता है. ताजा मामला नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर रहे कनीय अभियंता प्रवीण कुमार प्रभात के मामले में सामने आ रहा है. उन्होंने पिछले 28 फरवरी को ही विरमित होकर पथ निर्माण विभाग पटना में कनीय अभियंता के पद पर अपना योगदान दिया है. इसके बावजूद जून महीने में उनके द्वारा नगर निगम क्षेत्र में कराए गये सड़क निर्माण की राशि प्रवीण कुमार के खाते में हस्तांतरित की गयी है. मिल रही जानकारी के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र की छह सड़कों के लिए लगभग 90 लाख की राशि हस्तांतरित की गयी है. इस बाबत पूछे जाने पर नगर आयुक्त सुशील कुमार मिश्रा ने कहा कि बिना एनओसी लिए कनीय अभियंता प्रवीण कुमार प्रभात यहां से चले गये एवं पटना में उन्होंने योगदान किया. उन्हें यह मालूम नहीं था कि प्रवीण कुमार प्रभात यहां से स्थानांतरित हो गये हैं. ऐसे में पूर्ववर्ती अधिकारियों के कागजात के आलोक में उन्होंने राशि हस्तांतरित की है. राशि कितनी है, उन्हें अभी पूरी जानकारी नहीं है. उन्होंने बताया कि लगभग छह सड़क के भुगतान का मामला है. प्रवीण कुमार प्रभात को बिना एनओसी लिए विरमित होने को लेकर स्पष्टीकरण पूछा गया है. आगे विभागीय कार्रवाई होगी. वही इस बाबत पूछे जाने पर कनीय अभियंता प्रवीण कुमार प्रभात ने कहा कि उन्हें इस तरह की कोई जानकारी नहीं है.

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By Dipankar Shriwastaw

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