सोनवर्षा से मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट – सोनवर्षा प्रखंड क्षेत्र के विराटपूर पंचायत के बैसा महादलित टोला में आजादी के बाद पहली बार गत वर्ष सड़क बनना शुरू होते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर छा गई.लेकिन निर्माण कार्य की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के 9 महिने गुजरने के बाद भी सडक का निर्माण अधूरी होने के साथ साथ गांव तक नहीं पहुंच पाई है. ऐसे में इस वर्ष भी मानसुन के छह माह तक बैसा के लोगों को नाव या फिर पगडंडियों का सहारा लेना पडेगा.बैसा महादलित टोला को आजादी के बाद अबतक सडक की सुविधा नहीं मिल पाई है. यहां की आबादी करीब 6 सौ है. सडक नहीं रहने से उन्हें पगडंडी एवं बारिश में नाव के सहारे आवागमन करना पडता है. वर्ष 24 में ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा करीब 67 लाख की राशि से बीटी एवं पीसीसी सडक निर्माण की स्वीकृति मिलने पर संवेदक सिद्धार्थ शंकर द्वारा बकायदा कार्य प्रारम्भ किया गया. एकरारनामा के अनुसार उक्त सडक का निर्माण कार्य जूलाई 25 में ही संवेदक को पूरा कर लेना था. लेकिन 9 माह खत्म होने के बाद भी सडक अधुरी है. हालांकि संवेदक ने जेएसबी कर दिया है लेकिन बैसा टोला से पुर्व करीब 5 सौ मीटर तक कोई काम नहीं किए जाने से ग्रामीणों को पगडंडियों का ही सहारा है. उक्त बाबत कार्य प्रमंडल सिमरी बख्तियारपुर के कनिय अभियंता महेश कुमार ने कहा की विभाग के पास राशि ही नहीं है. राशि उपलब्ध होने पर ही काम हो पाएगा.
Saharsa आजादी के बाद पहली बार महादलित टोला में सड़क निर्माण कार्य शुरू, ग्रामीण प्रसन्नचित्त
सोनवर्षा प्रखंड क्षेत्र के विराटपूर पंचायत के बैसा महादलित टोला में आजादी के बाद पहली बार गत वर्ष सड़क बनना शुरू होते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर छा गई.
