नवहट्टा (सहरसा) से राजेश डेनजील की रिपोर्ट Saharsa News :
सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड क्षेत्र के चन्द्रायण रेफरल अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. यहां पदस्थापित एक डॉक्टर 7 अप्रैल से 23 अप्रैल तक बिना किसी सूचना के अस्पताल से गायब रहे. हैरानी की बात यह है कि 24 अप्रैल को अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने बिना सूचना अनुपस्थिति की अवधि का भी उपस्थिति दर्ज कर लिया. मामले को और गंभीर बनाता है कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही संबंधित डॉक्टर से किसी प्रकार का स्पष्टीकरण मांगा गया.प्रभात खबर में यह मामला प्रकाशित होने के बाद चौंकाने वाला तथ्य आया सामने
26 अप्रैल को प्रभात खबर में यह मामला प्रकाशित होने के बाद एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया. जानकारी के अनुसार, डॉक्टर रोहित कुमार भी महीनों से चन्द्रायण रेफरल अस्पताल में पदस्थापित हैं, लेकिन उनका नाम न तो उपस्थिति पंजी में दर्ज है और न ही किसी ड्यूटी रोस्टर में शामिल किया गया है. लगातार सामने आ रहे इन मामलों से यह स्पष्ट होता है कि अस्पताल में बड़े स्तर पर अनियमितता और फर्जीवाड़ा चल रहा है. इसके बावजूद सिविल सर्जन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिविल सर्जन से लेकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी तक इस तरह की मनमानी में मिलीभगत है. अब सहरसा जिलाधिकारी से स्थानीय लोग ऐसे चिन्हित डॉक्टरों और जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार हो सके और दोषियों पर सख्त कदम उठाया जा सके.
