आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गयी छापेमारी सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक खंगालती रही टीम सहरसा . महावीर जयंती के अवसर पर अवकाश रहने के बावजूद मंगलवार की सुबह आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार के सराही मोड़, नया बाजार स्थित उनके किराए के मकान पर छापेमारी शुरू की, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया.ईओयू की टीम ने उनके आवास के साथ-साथ विकास भवन स्थित उनके कार्यालय की भी गहन जांच की. उनके आवास पर कई घंटों तक जांच जारी रही. प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईओयू की टीम ने एक साथ उनके छह अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है. यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है, जिससे पूरे जिले में चर्चा का माहौल बना हुआ है.बताया जा रहा है कि वैभव कुमार के खिलाफ लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं. जांच में यह सामने आया कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए करोड़ों रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है.ईओयू की टीम ने उनके सराही मोड़ स्थित आवास के अलावा मुजफ्फरपुर के मिश्रा मनियारी स्थित पैतृक घर, उनके भाई द्वारा संचालित निजी आईटीआई कॉलेज तथा अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी है. छापेमारी के दौरान बैंक खातों, जमीन के कागजात, निवेश से जुड़े दस्तावेज और संभावित बेनामी संपत्तियों से संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.वैभव कुमार बिहार लोक सेवा आयोग से चयनित अधिकारी हैं. वे इससे पहले कई जिलों में प्रखंड विकास पदाधिकारी के पद पर कार्य कर चुके हैं. पिछले दो वर्षों से वे जिले में डीआरडीए निदेशक के रूप में कार्यरत हैं. इसके साथ ही वे जिला खेल पदाधिकारी के अतिरिक्त प्रभार में भी हैं.वे बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान स्वीप आइकॉन के वरीय नोडल अधिकारी भी रह चुके हैं. जानकारी के अनुसार, उनका पारिवारिक पृष्ठभूमि भी प्रभावशाली बताया जाता है. उनके पिता मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जबकि उनकी पत्नी एक प्राध्यापिका हैं. उनके ठिकानों पर हो रही इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार के आवास पर ईओयू की छापेमारी
डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार के आवास पर ईओयू की छापेमारी
