सहरसा से दीपांकर की रिपोर्ट: इंटरनेशनल आर्ट ऑफ गिविंग डे के अवसर पर 17 मई को सहरसा में एक भव्य प्रमंडल स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है. “शेयर एंड शाइन” (साझा करें और चमकें) थीम पर आधारित यह प्रतियोगिता सहरसा स्टेडियम के बाहरी परिसर में आयोजित की जाएगी, जिसे लेकर स्थानीय खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह है.
खेल भावना और सामाजिक सहयोग का संगम
सहरसा जिला वॉलीबॉल संघ के सचिव सह आर्ट ऑफ गिविंग के प्रमंडलीय संयोजक रोशन सिंह धोनी ने बताया कि आर्ट ऑफ गिविंग के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत की प्रेरणा से इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है. प्रतियोगिता के दौरान कोसी प्रमंडल के सात वॉलीबॉल क्लबों को मुफ्त वॉलीबॉल और नेट भी प्रदान किए जाएंगे.
आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज में एक-दूसरे के सहयोग और साझेदारी की संस्कृति को विकसित करना है.
डॉ. अच्युत सामंत के विजन से जुड़ा है आयोजन
श्री धोनी ने जानकारी दी कि डॉ. अच्युत सामंत ने उड़ीसा के भुवनेश्वर में केआइटी (KIIT) और किस (KISS) यूनिवर्सिटी जैसी संस्थाओं की स्थापना की है, जहां लगभग 50 हजार गरीब और जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है. डॉ. सामंत का मानना है कि खेल, शिक्षा का दूसरा सबसे मजबूत स्तंभ है और इसके जरिए युवाओं का सर्वांगीण विकास संभव है.
तैयारियों में जुटे कार्यकर्ता
प्रतियोगिता को भव्य और सफल बनाने के लिए आयोजक मंडल की एक बड़ी टीम सक्रिय है. इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं: अमन सिंह, राणा रंजन सिंह, अमित अमर, अमीन्द्र कुमार अमर, अरुण यादव, अमित ठाकुर, सैयद समी अहमद, प्रमोद कुमार झा, विप्लव रंजन, दर्शन कुमार गुड्डू, शिवेंद्र नारायण सिंह, अंशु मिश्रा, उज्जवल, प्रकाश, अमन, संदीप और अभी
