सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को डिजिटल माध्यम से हर छात्र तक पहुंचाने की दिशा में सहरसा जिले के लिए एक गौरवपूर्ण खबर आई है. राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), पटना के निर्देशन में संचालित पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के लिए उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, किशनपुर पतरघट की शिक्षिका डॉ. नंदनी कुमारी का चयन किया गया है.
11वीं और 12वीं के इतिहास का तैयार होगा ई-कंटेंट
डॉ. नंदनी कुमारी, जो एक राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक (Master Trainer) भी हैं, अब कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए इतिहास विषय का उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करेंगी. इस चयन से जिले के शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है.
अनुभवी प्रशिक्षक के रूप में रही है पहचान
डॉ. नंदनी कुमारी का पिछला रिकॉर्ड काफी सराहनीय रहा है. वे इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में सक्रिय रही हैं:
- यूनिसेफ (UNICEF): कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में अहम भूमिका.
- प्रशिक्षण: एमएचएम (MHM), एडोलसेंट गर्ल्स (किशोरियां), कैरियर काउंसलिंग और डिजिटल लिटरेसी जैसे कार्यक्रमों में राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक के रूप में कार्य.
क्या है पीएम ई-विद्या का उद्देश्य?
चयन के बाद डॉ. नंदनी कुमारी ने बताया कि इस कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों तक बेहतरीन शिक्षा पहुंचाना है. उन्होंने कहा, “डिजिटल माध्यम से अब दूर-दराज के क्षेत्रों के विद्यार्थी भी आधुनिक तकनीक का उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे शिक्षा में समानता आएगी.”
शिक्षा जगत में खुशी की लहर
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद की आईसीटी प्रमुख डॉ. मधू कुमारी ने बताया कि डिजिटल कंटेंट और स्मार्ट क्लास के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई को अधिक प्रभावी और रोचक बनाया जा रहा है. डॉ. नंदनी के चयन पर जिले के शिक्षकों, बुद्धिजीवियों और शिक्षा प्रेमियों ने बधाई देते हुए इसे सहरसा के लिए एक बड़ा सम्मान बताया है.
