राशि आने के बावजूद उच्च विद्यालयों के बच्चे परिभ्रमण से वंचित

राशि आने के बावजूद उच्च विद्यालयों के बच्चे परिभ्रमण से वंचित

नवहट्टा. प्रखंड क्षेत्र में लगभग एक दर्जन से अधिक उच्च विद्यालयों को सरकार द्वारा कई माह पूर्व परिभ्रमण कराने के लिए राशि आवंटित की गयी थी. परिभ्रमण का उद्देश्य बच्चों को शैक्षणिक माहौल से बाहर व्यवहारिक ज्ञान देना और विभिन्न ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण स्थलों से अवगत कराना था. लेकिन शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जीओभी के खाते में राशि उपलब्ध होने के बावजूद कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों द्वारा अब तक बच्चों को परिभ्रमण के लिए नहीं ले जाया है. आरोप है कि कुछ प्रधानाध्यापक परिभ्रमण राशि को गबन करने की नीयत से इस कार्यक्रम को जानबूझकर टालते रहे. स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब सरकार ने बच्चों के हित में राशि दी है, तो उसे सही उद्देश्य से उपयोग किया जाना चाहिए. इसके बावजूद बच्चों को घरों में बैठाकर राशि खर्च दिखाना गंभीर लापरवाही और शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि परिभ्रमण के लिए राशि प्राप्त होने के बावजूद कई प्रधानाध्यापक अब तक परिभ्रमण क्यों नहीं करा सके. क्या वास्तव में राशि गबन का प्रयास किया गया या फिर प्रशासनिक उदासीनता के कारण बच्चों को उनके अधिकार से वंचित कर दिया गया. शिक्षा विभाग ने इस मामले में जांच की बात कही है और जल्द ही संबंधित विद्यालयों से प्रतिवेदन मांगा जा सकता है.

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Published by: Dipankar shriwastaw

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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