कहरा (सहरसा) . बनगांव में तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा के समापन के बाद शनिवार को राधा-कृष्ण समेत पूजा के लिए स्थापित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया. स्थानीय जलस्रोत में प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे. विसर्जन से पहले मिथिला की परंपरा के अनुसार महिला श्रद्धालुओं ने समदाउन गीत गाकर देवी-देवताओं को भावपूर्ण विदाई दी.
कांधे पर प्रतिमाएं लेकर निकले श्रद्धालु
समदाउन गीत के बाद पुरुष श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं को अपने कांधे पर उठाया और विसर्जन के लिए रवाना हुए. विसर्जन देखने पहुंचे दूर-दराज के श्रद्धालुओं को प्रतिमाओं का दर्शन कराने के लिए उन्हें बाबाजी कुटी परिसर का भ्रमण कराया गया. इस दौरान महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने नम आंखों से प्रतिमाओं के दर्शन कर नमन किया. राधा-कृष्ण समेत अन्य देवी-देवताओं के जयघोष से परिसर गूंजता रहा. श्रद्धालुओं ने अपनी मंगलकामना के लिए आराधना भी की.
परंपरा के तहत हुआ कबड्डी का आयोजन
विसर्जन से पहले श्रद्धालुओं के बीच पारंपरिक कबड्डी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया. बताया गया कि 18वीं सदी से संत शिरोमणि लक्ष्मीनाथ गोस्वामी द्वारा बाबाजी कुटी परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा की शुरुआत के बाद से ही सामाजिक सौहार्द और श्रीकृष्ण के महात्म्य के उद्देश्य से इस परंपरा का निर्वहन किया जाता रहा है. इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय और बाहर से आये श्रद्धालुओं के बीच कबड्डी खेला गया. इसमें बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कबड्डी आयोजन के बाद सभी प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया गया.
