डिग्री कॉलेज आंदोलन में शामिल पांच छात्राओं की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज संचालन की मांग को लेकर चल रहे जनआंदोलन के बीच शनिवार को एक चिंताजनक घटना सामने आई.

शिक्षा के अधिकार की लड़ाई में छात्राएं हुई बेहोश, प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल

नवहट्टा. प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज संचालन की मांग को लेकर चल रहे जनआंदोलन के बीच शनिवार को एक चिंताजनक घटना सामने आई. डिग्री कॉलेज की मांग के समर्थन में निकाली गयी विशाल प्रभात फेरी के दौरान पांच छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गयी. जिसके बाद उन्हें तत्काल नवहट्टा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया. घटना के बाद आंदोलनकारियों एवं अभिभावकों में प्रशासन के प्रति नाराजगी और बढ़ गयी है. बताया जाता है कि डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर नवहट्टा दुर्गा स्थान से प्रखंड कार्यालय तक हजारों छात्र-छात्राओं, ग्रामीणों एवं समाजसेवियों ने प्रभात फेरी निकाली थी. इस दौरान शिक्षा के अधिकार एवं क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की मांग को लेकर छात्राएं भी बड़ी संख्या में शामिल थी. इसी बीच पांच छात्राएं अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी. जिससे प्रभात फेरी में अफरा-तफरी मच गयी. बीमार छात्राओं में प्रिया कुमारी कक्षा 12वीं, श्रेया कुमारी कक्षा 11वीं, बेबी कुमारी कक्षा 10वीं, काजल कुमारी कक्षा 12वीं एवं तुलसी कुमारी कक्षा 12वीं शामिल हैं. सभी का इलाज नवहट्टा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है.

सात दिनों से अनशन जारी, फिर भी नहीं जागा प्रशासन

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ पांच छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की घटना नहीं है, बल्कि यह उस पीड़ा एवं संघर्ष का प्रतीक है जिसे क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राएं वर्षों से झेल रहे हैं. उच्च शिक्षा की सुविधा नहीं होने के कारण गरीब एवं ग्रामीण परिवारों के बच्चों को पढ़ाई छोड़ने तक की नौबत आ जाती है. इधर डिग्री कॉलेज संघर्ष समिति अध्यक्ष प्रमोद सिंह ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से धरना एवं सात दिनों से आमरण अनशन जारी है. बाजार बंद रहा, हजारों लोगों ने सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की. छात्र-छात्राएं आंदोलन में शामिल हो रहे हैं. अनशनकारियों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है. फिर भी जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई सार्थक पहल नहीं की गयी है.

आंदोलनकारियों ने कहा कि जब शिक्षा की मांग कर रहे छात्र अस्पताल पहुंचने लगे एवं फिर भी प्रशासन मौन बना रहे, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है. उन्होंने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से अविलंब हस्तक्षेप कर वार्ता शुरू करने व डिग्री कॉलेज के संचालन को लेकर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की है. क्षेत्र के लोगों का कहना है कि समय रहते प्रशासन ने पहल नहीं की, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है. फिलहाल पूरे नवहट्टा की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है. हालांकि बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रिया भारती, थाना अध्यक्ष राहुल कुमार, राजस्व अधिकारी रंजन कुमार सिंह ने धरना स्थल पर जाकर लोगों से वार्ता की एवं वरीय अधिकारी तक उनकी बातों को पहुंचाया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >