सहरसा. ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल सहरसा ने सरकारी राशि के कथित गबन एवं धोखाधड़ी के मामले में एक संवेदक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की अनुशंसा की है. कार्यपालक अभियंता विश्वरामानंद ने इस संबंध में सदर थाना को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है. आवेदन के अनुसार महिषी थाना क्षेत्र के महिषी निवासी मेसर्स एके कंस्ट्रक्शन एंड कंपनी के प्रोपराइटर देव नारायण चौधरी को वर्ष 2017 में ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा दो सड़क निर्माण योजनाओं का कार्य आवंटित किया गया था. इनमें महिषी प्रखंड के कुम्हरा मिडिल स्कूल से दक्षिण जानेवाली लिलजा सड़क तक सड़क निर्माण एवं खजूरी गोठ से रेलवे ढाला बैजनाथपुर तक सड़क निर्माण योजना शामिल थी. दोनों योजनाओं की कुल स्वीकृत राशि करीब 2.23 करोड़ रुपये थी.
दोनों योजनाओं का कार्य निर्धारित अवधि में पूरा नहीं करने का आरोप
विभागीय अभिलेख के अनुसार, कार्य आवंटन के समय संवेदक से सुरक्षा जमा राशि एवं अतिरिक्त परफॉर्मेंस गारंटी के रूप में कुल 13.76 लाख रुपये की प्रतिभूति जमा करने को कहा गया था. इसके लिए संवेदक ने राष्ट्रीय बचत पत्र, सावधि जमा एवं अन्य प्रतिभूतियां जमा की थी. विभाग का आरोप है कि दोनों योजनाओं का कार्य निर्धारित अवधि में पूरा नहीं किया गया. बार-बार निर्देश देने के बावजूद कार्य अधूरा रहने पर विभाग ने संविदा को रद्द कर दिया एवं नियमानुसार जमा प्रतिभूति राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू की गयी. जांच के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया. डाक विभाग से प्राप्त रिपोर्ट में बताया गया कि संवेदक द्वारा जमा कराए गये एनएससी एवं अन्य प्रतिभूतियों में अंकित कुल 10 लाख 95 हजार रुपये की राशि के विरुद्ध जांच में मात्र 13 हजार 600 रुपये ही उपलब्ध पाये गये.
जमा प्रतिभूतियों एवं वास्तविक राशि में भारी अंतर
विभाग का कहना है कि जमा प्रतिभूतियों एवं वास्तविक राशि में भारी अंतर मिला है, जिससे सरकारी धन के गबन एवं धोखाधड़ी की आशंका प्रबल हो गयी है. ग्रामीण कार्य विभाग ने इसे सरकारी राशि के गबन एवं धोखाधड़ी का गंभीर मामला बताते संवेदक देव नारायण चौधरी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है. आवेदन के साथ विभाग ने संविदा पत्र, डाक विभाग की जांच रिपोर्ट, कार्यादेश एवं प्रतिभूति संबंधी दस्तावेज भी संलग्न किया है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मामले में सरकारी राशि की वसूली की प्रक्रिया भी विभागीय नियमों के तहत आगे बढ़ाई जायेगी. वहीं दिये आवेदन के आधार पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.
