सहरसा. सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर समस्तीपुर-सहरसा मेमू पैसेंजर ट्रेन के जले कोच को अब डेड एंडिंग लाइन से हटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है. मंगलवार को सोनपुर रेल मंडल के सीनियर डीएमई सहित अन्य रेल अधिकारियों की टीम सिमरी बख्तियारपुर पहुंची. अधिकारियों ने पहले जले हुए कोच का निरीक्षण किया और इसके बाद रानीबाग रेलवे फाटक के पास स्थित रेलवे के खाली प्लॉट का जायजा लिया.
रानीबाग के पास खाली प्लॉट में रखा जायेगा कोच
रेल अधिकारियों के अनुसार जले हुए कोच को डेड एंडिंग लाइन से हटाकर रानीबाग रेलवे फाटक के पास स्थित खाली रेलवे प्लॉट में रखा जाएगा. इसके लिए स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया गया है.कोच के हटने के बाद डेड एंडिंग लाइन खाली हो जाएगी. इससे रेलवे के पैनल सिस्टम में आ रही तकनीकी परेशानी दूर होने के साथ ट्रेनों के परिचालन में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है.
पांच एजेंसियों ने की थी घटना की जांच
करीब 10 दिन पहले सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर 63344 समस्तीपुर-सहरसा मेमू पैसेंजर ट्रेन के एक कोच में अचानक आग लग गई थी. आग इतनी भीषण थी कि कोच पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया था.घटना के बाद रेलवे ने मामले की जांच शुरू की थी. जांच के लिए पांच एजेंसियों को लगाया गया था. कई दिनों तक रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी और विशेषज्ञ सिमरी बख्तियारपुर पहुंचकर आग लगने की घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करते रहे.
प्लेटफॉर्म खाली कराने के बाद डेड एंडिंग लाइन पर रखा गया था
घटना के करीब पांच दिन बाद जले कोच को प्लेटफॉर्म संख्या दो से हटाकर रानीबाग रेलवे फाटक के पास डेड एंडिंग लाइन पर खड़ा किया गया था. इसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म संख्या दो को खाली कराकर वहां से ट्रेनों का परिचालन शुरू करना था.हालांकि डेड एंडिंग लाइन पर जले कोच के खड़े रहने से रेलवे के पैनल सिस्टम में परेशानी आने लगी. इसके कारण ट्रेन परिचालन में भी असुविधा की स्थिति बनी हुई थी.
परिचालन व्यवस्था सुचारु करने की कवायद
रेलवे अब जले कोच को डेड एंडिंग लाइन से हटाकर वैकल्पिक स्थल पर रखने की प्रक्रिया में जुट गया है. अधिकारियों के निरीक्षण के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही कोच को खाली प्लॉट में शिफ्ट कर दिया जाएगा. इससे डेड एंडिंग लाइन का उपयोग सुचारु रूप से किया जा सकेगा.
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