सहरसा में कड़ी निगरानी के बीच हुई सिपाही भर्ती परीक्षा, कदाचार पर प्रशासन की सख्त नजर

Bihar Police Exam: सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर सहरसा में सुरक्षा और निगरानी के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए. परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते नजर आए.

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट.

Bihar Police Exam: केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही पदों की लिखित परीक्षा रविवार को सहरसा में शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हुई. परीक्षा के सफल संचालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और अधिकारियों ने लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया.

दो पालियों में आयोजित हुई परीक्षा

सिपाही भर्ती परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई. पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चली.

अभ्यर्थियों के लिए पहली पाली में सुबह 8 बजे तथा दूसरी पाली में दोपहर 1 बजे रिपोर्टिंग का समय निर्धारित किया गया था. प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी.

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध

परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक पेन, पेजर, संगणक और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी.

परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को समाप्त किया जा सके.

प्रशासनिक निगरानी रही लगातार जारी

परीक्षा के दौरान 26 स्टैटिक दंडाधिकारी, 5 जोनल दंडाधिकारी और 2 उड़नदस्ता दंडाधिकारी विभिन्न केंद्रों पर तैनात रहे. स्टैटिक दंडाधिकारी केंद्रों के भीतर प्रेक्षक की भूमिका निभाते हुए लगातार निगरानी करते रहे.

वहीं जोनल दंडाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में गश्ती दल के साथ भ्रमण कर परीक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते रहे. अधिकारियों की सक्रियता के कारण परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन और व्यवस्था बनी रही.

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया निरीक्षण

सदर एसडीओ श्रीयांश तिवारी और सदर एसडीपीओ आलोक कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का दौरा करते रहे. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षार्थियों की उपस्थिति और केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया.

सभी परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेट के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे अभ्यर्थियों को सुरक्षित और शांत माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिला.

कदाचार का नहीं मिला कोई मामला

समाचार लिखे जाने तक किसी भी परीक्षा केंद्र से कदाचार या अनुचित साधनों के प्रयोग की सूचना नहीं मिली थी. प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे, जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला.

अधिकारियों ने कहा कि भर्ती परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से सभी स्तरों पर सख्ती बरती गई.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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