गीता के संदेशों से श्रद्धालुओं को धर्म, कर्म और भक्ति का मिल रहा ज्ञान

शहर के मत्स्यगंधा स्थित रक्तकाली चौंसठ योगिनी मंदिर परिसर में श्रीमद्भगवद्गीता कथा एवं सत्संग का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया जा रहा है.

रक्तकाली चौंसठ योगिनी मंदिर में भागवत गीता कथा का हो रहा आयोजन, श्रद्धालुओं की उमड़ रही भीड़

सहरसा. शहर के मत्स्यगंधा स्थित रक्तकाली चौंसठ योगिनी मंदिर परिसर में श्रीमद्भगवद्गीता कथा एवं सत्संग का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया जा रहा है. यह धार्मिक आयोजन 27 मई से प्रारंभ होकर दो जून तक चलेगा. प्रतिदिन संध्या तीन बजे से आयोजित होने वाले इस सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं श्रोतागण भाग लेकर गीता के दिव्य संदेशों का श्रवण कर रहे हैं. कथा का वाचन विद्वान कथावाचक पंडित जग्रनाथ झा द्वारा किया जा रहा है. वे श्रीमद्भगवद्गीता के विभिन्न अध्यायों की व्याख्या करते हुए जीवन में धर्म, कर्म, भक्ति एवं मानव मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाल रहे हैं. उनके प्रवचनों से श्रद्धालु आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं तथा धर्म के प्रति उनकी आस्था और भी मजबूत हो रही है.

मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित रंजीत झा की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने में शिवपुरी निवासी समाजसेवी शंभु यादव का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है. आयोजन समिति के अनुसार कथा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गयी हैं. सत्संग में प्रतिदिन महिलाओं, पुरुषों एवं युवाओं की अच्छी उपस्थिति देखी जा रही है. श्रद्धालु भक्ति गीतों और गीता प्रवचन का आनंद लेते हुए आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कर रहे हैं. व्यवस्थापक कुमार हीरा प्रभाकर ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा स्थल पर पहुंचकर श्रीमद्भगवद्गीता के अमृतमय संदेशों का लाभ उठाने की अपील की है. उन्होंने बताया कि 2 जून तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है.

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