स्वावलंबी होना व्यक्ति की आर्थिक समस्याओं को करता है दूरः डॉ अरूण जयसवाल

स्वावलंबी होना व्यक्ति की आर्थिक समस्याओं को करता है दूरः डॉ अरूण जयसवाल

सहरसा . गायत्री शक्तिपीठ में रविवार को व्यक्तित्व परिष्कार सत्र का आयोजन किया गया. सत्र को संबोधित करते हुए डॉ अरुण कुमार जायसवाल ने कहा कि स्वावलंबी होना, व्यक्ति की आर्थिक समस्याओं को तो दूर करता ही है. साथ ही मानसिक समस्या को भी दूर करता है. भले ही छोटा मोटा कार्य ही कर रहे हैं. जब कुछ करते हैं तो कृतत्व के साथ आत्मविश्वास जागृत होता है. कर्म में जब सफलता मिलती है तब मनोबल, आत्मबल बढ़ता है कि हम कुछ कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमारे शरीर में कोई खामी हो जाय तो हम अपाहिज कहलाते हैं. वहीं आर्थिक रूप से किसी पर निर्भर होना भी अपाहिज होना कहलाता है. छोटे-छोटे खर्च के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है. यह स्थिति मानसिक रूप से आत्म हीनता की ओर ले जाती है. उन्होंने कहा कि गुरूदेव कहते हैं दमित काम ही क्रोध बनता है एवं अनियंत्रित काम ही लोभ व मोह बनता है. इन सभी स्थिति में परिणाम बीमार होकर परावलंबी हो जाएंगे. इस अवसर पर बाल संस्कारशाला के बच्चों के बीच ठंढ के प्रकोप को देखते हुए कंबल वितरण किया गया.

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