यूजीसी नियमों पर रोक दुर्भाग्यपूर्ण व चिंताजनक: कुंदन यादव

यूजीसी नियमों पर रोक दुर्भाग्यपूर्ण व चिंताजनक: कुंदन यादव

यूजीसी गाइडलाइंस लागू करने की मांग को लेकर आरवाइए ने निकाला प्रतिवाद मार्च सहरसा . सुप्रीम कोर्ट द्वारा कैंपस में जातीय भेदभाव से निपटने के लिए जारी यूजीसी गाइडलाइंस पर रोक लगाये जाने के खिलाफ शनिवार को जिले में इंकलाबी नौजवान सभा एवं ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन के बैनर तले आरवाइए के राष्ट्रीय पार्षद सह माले नेता कुंदन यादव के नेतृत्व में शनिवार को शहर में प्रतिवाद मार्च निकालकर प्रदर्शन किया गया. बिस्कोमान भवन के समीप से निकले प्रतिवाद मार्च में आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान अत्याचार अधिकार नहीं, यूजीसी गाइडलाइंस लागू करो, रोहित एक्ट लागू करो जैसे नारे लगाते रहे. मौके पर कुंदन ने कहा कि देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में आज भी दलित, आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक व महिला विद्यार्थियों के साथ लगातार भेदभाव व उत्पीड़न की घटनाएं सामने आती रहती है. रोहित वेमुला, पायल तड़वी व दर्शन सोलंकी जैसे कई छात्र-छात्राओं की मौत इस बात का प्रमाण हैं कि संस्थानों में जातीय और सामाजिक भेदभाव गंभीर समस्या बनी हुई है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का यूजीसी नियमों पर रोक लगाना दुर्भाग्यपूर्ण व चिंताजनक है. इससे पीड़ित छात्रों का मनोबल टूटेगा एवं उन्होंने कहा कि यूजीसी के जारी आकड़ों के अनुसार 2019-2024 के बीच 118 प्रतिशत जातीय भेदभाव की शिकायतें में वृद्धि हुई है. ऐसे में यूजीसी द्वारा जारी समानता संबंधी नियम भले ही पूरी तरह पर्याप्त नहीं थे. लेकिन वे भेदभाव रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था. संगठन के कार्यकर्ताओं का मांग है कि केंद्र सरकार तत्काल प्रभाव से मजबूत एवं प्रभावी रोहित एक्ट लागू करे. यूजीसी गाइडलाइंस को ओर सख्त एवं प्रभावी रूप में लागू हो. जिससे संविधान में वर्णित न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व के मूल्यों को सुनिश्चित किया जा सके. प्रतिवाद मार्च में आइसा जिलाध्यक्ष आशीष आनंद, विक्की राम, विशनपुर मुखिया प्रतिनिधि सरोज यादव, वकील कुमार यादव, अशोक यादव उर्फ बटन, अमर मल्लिक, सागर कुमार शर्मा, रमेश शर्मा, बमभोली सादा, मो. निजाम, अमित उर्फ लाला यादव, बबलू कुमार यादव, मन्नू यादव, मंटू यादव, रंधीर ठाकुर, कमल किशोर यादव, कमलेश उर्फ आदित्य राव, मुकेश कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्त्ता शामिल थे.

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By Dipankar Shriwastaw

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