Saharsa News: सहरसा की शांति मिशन एकेडमी की नौवीं कक्षा की छात्रा उन्नति मिश्रा ने मायगव द्वारा आयोजित ‘नशा मुक्त भारत’ स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय और पूरे जिले का नाम रोशन किया है. इस उपलब्धि पर रविवार को विद्यालय परिसर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहां उन्नति मिश्रा को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया. समारोह के बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नशामुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प भी लिया.
यह उपलब्धि केवल एक प्रतियोगिता में जीत नहीं, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सामाजिक मुद्दों पर संवेदनशील सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति रखने वाले विद्यार्थी भविष्य में समाज के सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बन सकते हैं. विद्यालय परिवार ने उन्नति की सफलता को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया.
मायगव प्रतियोगिता में जिले में पहला स्थान
मायगव द्वारा आयोजित ‘नशा मुक्त भारत’ स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में शांति मिशन एकेडमी की छात्रा उन्नति मिश्रा ने जिले में प्रथम स्थान हासिल किया. प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को नशामुक्ति के प्रति जागरूक करना तथा उनकी रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करना था.
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, उन्नति मिश्रा की स्लोगन लेखन क्षमता, सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशीलता और सकारात्मक संदेश ने उन्हें यह सम्मान दिलाया.
विद्यालय परिसर में हुआ सम्मान समारोह
रविवार को आयोजित सम्मान समारोह में शांति मिशन एकेडमी की प्रबंध निदेशिका सोनी झा और मायगव की अधिकारी तृप्ति जैन ने संयुक्त रूप से उन्नति मिश्रा को प्रथम पुरस्कार का प्रमाण-पत्र प्रदान किया.
इस अवसर पर दोनों अतिथियों ने छात्रा की रचनात्मक प्रतिभा और सामाजिक विषयों के प्रति उसकी समझ की सराहना की. उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा बनते हैं और उनकी उपलब्धियां अन्य छात्रों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं.
विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त भारत का संकल्प
सम्मान समारोह के बाद विद्यालय में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया. विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने, अपने परिवार और समाज के लोगों को इसके प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लिया.
विद्यालय प्रशासन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों को भी मजबूत करना है.
रचनात्मक सोच से समाज में बदलाव संभव
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, रचनात्मक अभिव्यक्ति और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करती हैं. नशा जैसी सामाजिक समस्या के खिलाफ विद्यार्थियों की भागीदारी भविष्य में व्यापक जनजागरण अभियान का आधार बन सकती है.
शिक्षकों का मानना है कि जब युवा पीढ़ी सामाजिक मुद्दों पर सकारात्मक सोच विकसित करती है, तब समाज में स्थायी बदलाव की संभावनाएं बढ़ जाती हैं.
Saharsa News: प्राचार्य के नेतृत्व में संपन्न हुआ आयोजन
कार्यक्रम का संचालन और संपूर्ण व्यवस्था शांति मिशन एकेडमी के प्राचार्य समीर कुमार मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुई. विद्यालय परिवार ने उन्नति मिश्रा की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी.
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