10 हजार रुपये का लगाया अर्थदंड
सहरसा. अवैध हथियार रखने के एक मामले में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम कुदुस अंसारी की अदालत ने बुधवार को एक आरोपी को दोषी पाते तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही अदालत ने उस पर कुल दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त 15 दिन का साधारण कारावास भुगतना होगा. जानकारी के अनुसार बसनही थाना क्षेत्र के अतलखा पछवारी टोला निवासी आरोपी रामखेलावन यादव को आर्म्स एक्ट की धारा के तहत तीन वर्ष के कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड व धारा 26 के तहत तीन वर्ष के कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया.अदालत ने यह भी कहा है कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी. अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन पदाधिकारी कुलेंद्र कुमार ने अदालत के समक्ष कुल छह गवाहों को प्रस्तुत कर प्राथमिकी का समर्थन कराया. उन्होंने दलील दी कि बिना लाइसेंस के अवैध हथियार रखना गंभीर अपराध है एवं इससे समाज में भय व असुरक्षा का वातावरण बनता है. इसलिए आरोपी को कठोर सजा दी जानी चाहिए. अभियोजन के अनुसार यह घटना 21 जनवरी 2015 की है. बसनही थाना के पुलिस पदाधिकारी मनीष कुमार रजक को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी अपने घर में अवैध हथियार लेकर आया हुआ है. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी के घर पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान बिछावन के नीचे से एक लोडेड कट्टा बरामद किया गया, जबकि आरोपी की कमर से 13 जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया. इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर बसनही थाना में मामला दर्ज किया गया था. सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते सजा सुनायी.
