सहरसा : हत्या के आरोप में मंडल कारा में बंद विचाराधीन कैदी पुलिस को चकमा देकर शनिवार की देर रात सदर अस्पताल के इमरजेंसी से फरार हो गया. बबासीर की शिकायत पर शनिवार की शाम उसे अस्पताल में भरती कराया गया था. कैदी पश्चिम बंगाल के कुचविहार जिले का निवासी मो सिराजुल था. कैदी के फरार होने की सूचना मिलते ही प्रशासन में खलबली मच गयी. पुलिस व मंडल कारा के अधिकारी व जवान रात में ही कैदी को खोजने निकल पड़े, लेकिन कहीं कोई पता नहीं चल सका.
इलाजरत कैदी सदर अस्पताल से फरार
सहरसा : हत्या के आरोप में मंडल कारा में बंद विचाराधीन कैदी पुलिस को चकमा देकर शनिवार की देर रात सदर अस्पताल के इमरजेंसी से फरार हो गया. बबासीर की शिकायत पर शनिवार की शाम उसे अस्पताल में भरती कराया गया था. कैदी पश्चिम बंगाल के कुचविहार जिले का निवासी मो सिराजुल था. कैदी के […]

कैदी बाबासीर का मरीज था. शनिवार को जेल में उसकी तबीयत बिगड़ गयी. मंडल कारा प्रशासन ने देर शाम उसे सदर अस्पताल में भरती कराया. रात दस बजे के लगभग उसने शौचालय जाने की बात कही. सुरक्षा में तैनात जवान उसे शौचालय में घुसा गेट पर खड़े थे. कैदी ने मौका देखते ही शौचालय का खिड़की खोल फरार हो गया. कुछ देर तक कैदी के बाहर नहीं निकलने पर जवानों ने अंदर जाकर देखा, तो उसके होश उड़ गये. कैदी खिड़की खोल फरार हो चुका था. कैदी के सुरक्षा में कक्षपाल परमिंदर सिंह, गृहरक्षक बद्री यादव व बालकिशोर यादव थे. मामले की सूचना सदर थाना सहित अन्य को दी गयी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. फरार होने की बात बाहर निकलते ही कई तरह की चर्चा शुरू हो गयी.
हत्या के आरोप में डेढ़ वर्ष से मंडल कारा में था बंद
बाबासीर की शिकायत पर सदर अस्पताल में हुआ था भरती