तेज गर्मी से मौसमी फल के वृक्षों पर पड़ रहा असर
अगले दो दिनों में पारा 40 तक पहुंचने की संभावना
सहरसा. अप्रैल महीना के शुरुआत से ही जिले में गर्मी अपने परवान पर आ गयी है. दिन का तापमान जहां 38 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है. वहीं लोगों को घरों से निकलना दुखदाई बन गया है. मौसम के मिजाज को देखते लोग गर्मी से भयभीत हो रहे हैं. घरों से निकलने वाले लोग बढ़ती गर्मी से परेशान हैं. गर्मी से बुखार, गले में दर्द, खुजली, सिर दर्द व बेचैनी के मरीज बढ़ रहे हैं. खासकर बच्चे एवं बूढ़े अधिक बीमार हो रहे हैं. तापमान में जैसे-जैसे वृद्धि हो रही है. पेय पदार्थों की बिक्री भी काफी तेज हो गयी है. विभिन्न चौक-चौराहे पर शीतल पेय पदार्थों के ठेले लग गये हैं. लोग विभिन्न पेय पदार्थों व नींबू पानी के अलावा, बेल, गन्ना, तरबूज, खीरा, मौसमी, अनार जैसे फलों एवं अन्य ठंडी वस्तुओं का सेवन करते आसानी से देखे जा रहे हैं. इस बार मार्च महीने की शुरूआत से ही गर्मी ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया था. मार्च समाप्त होने तक तापमान 36 डिग्री के पास पहुंच गया था. अप्रैल के शुरू में ही गर्मी 39 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, जबकि आगे पूरी गर्मी बची है. साथ ही सड़कों पर लू चलने जैसी स्थिति बन गयी है. इस भीषण गर्मी में मनुष्य की कौन कहे, पशु पक्षी भी दोपहर में नजर नहीं आ रहे हैं. गर्मी से मौसमी फलों आम, लीची, कटहल की उपज पर भी अब असर पड़ने लगा है. पेड़ों में लदे आम के टिकोले गिर रहे हैं. लीची व कटहल की भी यही स्थिति है. फलों में वृद्धि रुक गयी है. पिछले पांच वर्षों से प्रत्येक वर्ष अप्रैल महीने में गर्मी में इजाफा हो रहा है, जबकि अप्रैल महीने में वर्षा भी नदारद है. साथ ही मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक वर्षा की संभावना नहीं जतायी है.
