बोतल के बाद लोगों के सामने आया टेट्रा पैक

सहरसा : उत्पाद विभाग ने शनिवार की रात शहर के शारदा नगर स्थित एक दुकान में छापेमारी कर 90 एमएलए के 25 टेट्रा पैक के साथ दुकानदार कृष्णमोहन चौधरी उर्फ कृष्णा को गिरफ्तार कर लिया. प्रेसवार्ता को संबोधित करते उत्पाद अधीक्षक रजनीश ने बताया कि सूचना मिली कि सहरसा-सिमरीबख्तियारपुर मुख्य मार्ग स्थित शारदा नगर में […]

सहरसा : उत्पाद विभाग ने शनिवार की रात शहर के शारदा नगर स्थित एक दुकान में छापेमारी कर 90 एमएलए के 25 टेट्रा पैक के साथ दुकानदार कृष्णमोहन चौधरी उर्फ कृष्णा को गिरफ्तार कर लिया. प्रेसवार्ता को संबोधित करते उत्पाद अधीक्षक रजनीश ने बताया कि सूचना मिली कि सहरसा-सिमरीबख्तियारपुर मुख्य मार्ग स्थित शारदा नगर में एक जेनरल स्टोर में शराब की बिक्री हो रही है. सूचना सत्यापन के दौरान मामला सही निकला. जिसके बाद छापेमारी की गयी.

पुलिस को देख दुकानदार कृष्णा ने भागने का प्रयास किया. जिसे काफी मशक्कत के बाद पकड़ा गया. जांच पड़ताल के दौरान दुकान से 90 एमएल के ऑफिसर च्वाइस का टेट्रा पैक बरामद किया गया. उन्होंने बताया कि नयी उत्पाद नीति के तहत शराब पीना व बेचना अपराध है. इसका पालन नहीं करने वाले पर कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार दुकानदार को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है.

साबुन का है लुक
उत्पाद विभाग द्वारा बरामद शराब की पैकिंग साबुन की तरह लग रहा है. एक बार देखने से लोग पकड़ नहीं पायेंगे कि यह शराब है या साबुन. अभी तक जितने भी शराब पुलिस या उत्पाद विभाग द्वारा बरामद किया गया है, वह बोतल में था. लेकिन यह डिजाइन व पैकिंग पहली बार लोगों के सामने आयी है. पूछताछ में गिरफ्तार कृष्णा ने बताया कि दुकान के सामान के लिए वह अक्सर सियालदह जाता है. सियालदह स्टेशन के बाहर एक दुकान से वह कई बार यह पैकिंग लाकर बेच चुका है. इस बार भी 45 पीस लाया था. जिसमें 25 बचा था.
सूत्रों के अनुसार पूछताछ में कृष्णा ने कई कारोबारियों का नाम भी उत्पाद विभाग के सामने रखा है. जिसकी छानबीन शुरू कर दी गयी है. जानकारों के अनुसार कई सफेदपोश इस धंधे में शामिल हैं.
शराबबंदी के बाद कइयों ने आजमायी किस्मत कोड भाषा का करते हैं उपयोग
शराबबंदी के बाद कई लोगों ने इस गोरखधंधे में अपना किस्मत आजमानी शुरू कर दी है. सूत्रों के अनुसार कोड भाषा में यह धंधा खूब फल फूल रहा है. कारोबारियों का ग्राहक कोड भाषा में शराब की मांग करते हैं. जिसके बाद उसका एक व्यक्ति ग्राहक के बताये जगह पर आकर जांच करता है. जांच के बाद हरी झंडी मिलने के बाद मजदूर की वेषभूषा में बोरा में लाकर ग्राहक तक पहुंच जाता है. वहीं कई जगह हरी लाइट का प्रयोग लाइन क्लीयर के रूप में किया जा रहा है.
सूत्रों के अनुसार लाइट के टिमटिमाने के बाद कारोबारी का आदमी ग्राहक के पास जाने के लिए विदा होता है और तेरहवीं बार टिमटिमाते ही सामान ग्राहक के पास पहुंच जाता है. इस दौरान कारोबारी ग्राहक को लाइट देखने की सलाह देते रहता है. जानकारी के अनुसार शराबबंदी के बाद इस कारोबार से कई कारोबारी दर्जनों वाहन का मालिक बन बैठे हैं. वहीं कई लोगों को नाम नहीं बताने या शिकायत नहीं करने के एवज में बाइक से लेकर कार तक देने का वादा कर चुके हैं. ऐसा नहीं है कि इस धंधे में सिर्फ गलत लोग ही हैं. कई अन्य धंधे के कारोबारी भी जमकर अपना पैसा लगा रहे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >