सांसद ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री को लिखा पत्र
सहरसा : सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कोसी स्थित ऐतिहासिक, पुरात्वात्विक व सांस्कृतिक धरोहरों को संजोने और इन स्थलों को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का आग्रह किया. सांसद श्री यादव ने इससे संबंधित एक पत्र केंद्रीय पर्यटन मंत्री को भेजा है. जिसमें कहा गया है कि बिहार राज्य के अंतर्गत मेरे सांसदीय क्षेत्र में पर्यटन स्थलों को विभिन्न सरकारों द्वारा नजर अंदाज किया जा रहा है.
जबकि इन स्थलों का विकास अगर अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में हो तो स्थल के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को समग्र विकास होगा. सांसद ने कहा कि मधेपुरा जिला मुख्यालय से छह किलोमीटर उत्तर स्थित सिंहेश्वर में राज्य का महान प्राचीन शिव मंदिर है. जिसका उल्लेख वराह पुराण में भी मिलता है.
महिषी को पशुओं के भगवान मानते है लोग
सहरसा में मंडन मिश्र की जन्मस्थली होने के कारण बनगांव व महिषी किसी पहचान का मुहताज नही है. मध्यकाल के आध्यात्मिक चिंतन के पुरोधा माने जाने वाले मंडन मिश्र से शास्त्रार्थ करने के लिए 12 सौ वर्ष पूर्व जगत गुरू शंकराचार्य यहां पहुंचे थे. जिसमें शंकराचार्य की हार हुई थी. महिषी दक्षिणी पंचायत में ही एक अन्य क्षेत्र महपुरा है यह स्थान कारूखिरहर की जन्मस्थली है. पूरे उत्तर बिहार के पशुपालक इन्हें पशुओं का भगवान मानते है.
सहरसा नगर परिषद के वार्ड नंबर एक स्थित मत्स्यगंधा जलाशय को भी संवारे जाने की जरूरत है. यहां स्थित रक्तकाली चौंसठ योगिनी काली मंदिर अनुपम है. मधेपुरा जिला के चौसा प्रखंड के लौआ लगान स्थित पचरासी स्थान बाबा विशुराउत की जन्मस्थली है. सहरसा के बनगांव दक्षिणी पंचायत में बाबा लक्ष्मीनाथ गोंसाई की कुटी है. जिसका इस क्षेत्र में ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व है. परिवहन, पर्यटन एव सांस्कृति संबंधी स्थायी समिति के सदस्य सह सांसद ने पर्यटन मंत्री से आग्रह करते कहा कि उपरोक्त पर्यटन स्थल का विकास अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में करने के लिए संबंधित पदाधिकारी को निर्देश देने का कृपा करें.
