जलनिकासी के पुराने रास्ते भी अतिक्रमण से हुए बंद
सहरसा : आज से दस-पंद्रह वर्ष पूर्व शहर में जलनिकासी बहुत बड़ी समस्या नहीं थी. हां, बरसात के महीने में निचले इलाके वाले मुहल्लों में पानी जमा होता था. लेकिन नाले का बहाव इतना अवरुद्ध नहीं होता था. नाले का पानी ओवरफ्लो हो कर सड़कों पर नहीं बहता था. वापस घरों में प्रवेश नहीं करता था. हालांकि उस समय न तो इतनी जनसंख्या थी और न ही इतने अधिक नाले ही थे. लेकिन कच्चे रास्ते से ही पानी को घुमाने की व्यवस्था बनी हुई थी. जो नगर परिषद की लापरवाही से लगातार समाप्त होती चली गयी. पुल-पुलिये जाम हो गए. इन रास्तों का अतिक्रमण कर अवैध रूप से दुकानें खड़ी कर ली गयी हैं. खुद नगर परिषद ने शहर के कचरों का उठाव कर इन रास्तों को भर दिया है.
पुलिया जाम, रास्ते में भरी मिट्टी: रमेश झा महिला कॉलेज से पानी टंकी की चहारदीवारी से ठीक आगे पानी के गुजरने का पैसेज था. इसी तरह गर्ल्स हाइ स्कूल की चहारदीवारी के उत्तर, पूरब व दक्षिण की ओर चौड़ा पैसेज था. सदर अस्पताल व जिला स्कूल के बाहर भी ऐसी व्यवस्था बनी हुई थी.
एक रूट को दूसरे से जोड़ने के लिए जगह-जगह पुलिया बनाये गए थे. जो अभी भी विद्यमान है. इस मार्ग से होकर पानी घुमता रहता था और इस बहाव मार्ग के कच्चा होने के कारण पानी जमीन में अवशोषित होता चला जाता था. लेकिन नगर परिषद की लापरवाही के कारण पुरानी व्यवस्था ध्वस्त हो गयी. सभी पुल-पुलिये तो जाम हो ही गए. जगह-जगह लोगों ने इस पैसेज में मिट्टी डाल अपनी दुकान खड़ा कर ली है. नगर परिषद के कचरे की गाड़ी भी यदा-कदा इसी पैसेज में कचरा उड़ेलती रहती है.
नगर परिषद भी अपने कचरे से पुल-पुलिये को कर रहा है जाम
पानी बहाव के मार्ग पर मिट्टी भरा खोली गयी दुकान.
पानी के दबाव से गर्ल्स स्कूल की टूट गई दीवार.
सदर अस्पताल में जलजमाव की गंदी स्थिति.
स्कूल की टूटी दीवार, अस्पताल में जमा पानी
बहाव के इन रास्तों के अवरुद्ध होने से परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. पैसेज में जमा पानी के दबाव से गर्ल्स स्कूल का दक्षिणी दीवार पचास फीट से अधिक लंबाई में टूट गया है. इसी तरह सदर अस्पताल परिसर में चारो ओर जलजमाव से लगातार संक्रमण की स्थिति बनी हुई है.
जबकि पुराने रास्ते को साफ भर कर देने से पानी आसानी से उन पैसेज के माध्यम से बाहर बह जायेगा. लगभग पांच वर्ष पूर्व तत्कालीन कमिश्नर जेआरके राव ने सदर अस्पताल में जलजमाव की भयावह स्थिति देख दक्षिण की ओर कच्चा नाला खुदवाया था. लेकिन फिर उसे बंद कर बहाव को बंद कर दिया गया. लिहाजा पूरे अस्पताल परिसर में गंदे, काले व संक्रमित पानी का जमाव होता ही जा रहा है.
