मटेश्वरधाम से आज रवाना होगा 54 फीट का कांवर

अद्भुत कांवर यात्रा की तैयारी अंतिम चरण में. सिमरी : श्रीश्री 1008 जय बाबा मटेश्वर धाम डाक एवं कांवरिया संघ की ओर से गुरुवार को बलवा हाट से 54 फीट का कांवर लिए कांवरियों का जत्था मुंगेर के छर्रापट्टी के लिए रवाना होगा. इसे लेकर तैयारी की जा रही है. वहीं कांवर पद यात्रा को […]

अद्भुत कांवर यात्रा की तैयारी अंतिम चरण में.

सिमरी : श्रीश्री 1008 जय बाबा मटेश्वर धाम डाक एवं कांवरिया संघ की ओर से गुरुवार को बलवा हाट से 54 फीट का कांवर लिए कांवरियों का जत्था मुंगेर के छर्रापट्टी के लिए रवाना होगा. इसे लेकर तैयारी की जा रही है. वहीं कांवर पद यात्रा को लेकर पूरे बलवा हाट, सरडीहा सहित संपूर्ण अनुमंडल में माहौल भक्तिमय हो गया. वहीं शिव गीतों पर कांवरिया नाच रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह सैकड़ों की संख्या में कांवरिये डुमरी घाट के रास्ते मुंगेर के छर्रापट्टी के लिए रवाना होंगे.
शुक्रवार तड़के सुबह 54 फीट के कांवर के साथ कांवरियों का जत्था खगड़िया, मानसी, धमारा और सलखुआ के रास्ते शनिवार रात्रि दस बजे तक सिमरी बख्तियारपुर पहुंचेगा. यहां श्री श्री 1008 जय बाबा मटेश्वर धाम डाक एवं कांवरियां संघ की ओर से कांवरियों के रहने-खाने की व्यवस्था की गयी है. रात्रि में जागरण की भी व्यवस्था है. वहीं अगले दिन रविवार सुबह छह बजे अद्भुत कांवर के साथ कांवरियों का जत्था बलवा हाट अंतर्गत कांठो के लिए रवाना होगा. पुरानी बाजार, सरडीहा होते हुए कांवर पद यात्रा दोपहर तक मटेश्वर धाम पहुंचेगा.
अद्भुत है पांच क्विंटल का कांवर
अद्भुत कांवर 54 फीट का है. पांच क्विंटल वजन वाले इस कांवर के दर्शन के लिए कांवरिये से लेकर आम लोग अति-उत्साहित हैं. कांवर को बनाने में पिछले कई सप्ताह से मजदूरों की टोली लगी थी. कांवर पद यात्रा के अंतिम दिन रविवार को जलाभिषेक के बाद रात्रि मे श्रीश्री 1008 जय बाबा मटेश्वर धाम डाक एवं कांवरिया संघ के सौजन्य से जागरण की व्यवस्था की गयी है.
महत्वपूर्ण है मटेश्वर
सालों-साल बलवा हाट अंतर्गत मटेश्वर धाम जाने वाले कांवरियों की संख्या मे अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है. ये कांवरिये मुंगेर के छर्रापट्टी घाट से गंगाजल भर कर 98 किलोमीटर की कठिन यात्रा कर बाबा का जलाभिषेक करने के लिए पहुंचते हैं. पहुंचने का यह रास्ता आसान नहीं है. बदला घाट रेलवे स्टेशन से कोपरिया व सिमरी बख्तियारपुर तक रेलवे लाइन के पथरीले रास्ते से होकर यहां आना पड़ता है. इस यात्रा में लोगों के पांव जख्मी हो जाते हैं. जानकारों के मुताबिक मटेश्वर धाम स्थित काले पत्थर वाला का शिवलिंग अद्भुत है. शिवलिंग के परिधि में अठपहल चबूतरा बना है. शिवलिंग का चबूतरा से स्पर्श नहीं है. दोनों के बीच डेढ़ इंच का शून्य है. जिसमें हमेशा जल भरा रहता है. गर्मी के दिनों में शिवलिंग के चारों ओर जलस्तर उठा रहता है. जबकि सावन भादो में जलस्तर नीचे चला जाता है. कहा जाता है कि यह शिवलिंग पताल से स्वयं अंकुरित हुआ है. विद्वानों का मानना है कि ऐसे ही शिवलिंग की चर्चा शिवपुराण में है, जो पाताल से प्रस्फुटित हुआ है और इसका संपर्क पृथ्वी से नहीं है.

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