डॉक्टरों की घोषणा के बाद गांधी पथ के लोगों ने भी की पेशकश
सहरसा : डॉक्टर से रंगदारी मांगने वाले बदमाशों के पकड़े जाने पर डॉक्टरों द्वारा जिला प्रशासन को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा किए जाने के बाद गंदे नाले से परेशान गांधी पथ के लोगों ने भी जिला प्रशासन को प्रशस्ति पत्र की पेशकश की है. कहा है कि गांधी पथ के नाले की दशा सुधार […]
सहरसा : डॉक्टर से रंगदारी मांगने वाले बदमाशों के पकड़े जाने पर डॉक्टरों द्वारा जिला प्रशासन को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा किए जाने के बाद गंदे नाले से परेशान गांधी पथ के लोगों ने भी जिला प्रशासन को प्रशस्ति पत्र की पेशकश की है. कहा है कि गांधी पथ के नाले की दशा सुधार दी जाये,
तो नागरिकों की ओर से प्रशासन को मेडल सहित प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा. यहां के लोग लगभग बीते पांच वर्षों से नालों की सफाई नहीं किए जाने से परेशान हैं. धरना-प्रदर्शन व सड़क जाम के बाद नप ने उड़ाही शुरू की भी तो आधे-अधूरे काम के बाद बीच में ही काम छोड़ दिया. लिहाजा बेवजह सड़कों पर नाले का गंदा व काला पानी बहता रहता है. स्थायी निवासी सहित व्यवसायियों की परेशानी बरकरार रह गई.
नप के अधिकारी पर नहीं है भरोसा: गांधी पथ निवासी गुड्डू गुप्ता, मुन्ना पटेल, गणेश कुमार, मंगल कुमार, धीरज कुमार, रंजीत कुमार, मो इजहार, शंभु गुप्ता, सलाउद्दीन, परवेज सहित अन्य ने कहा कि नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी पर उन्हें भरोसा नहीं है. वे नालों की सफाई के प्रति न तो कभी गंभीर थे और न ही कभी हो सकते हैं. जबकि एसडीओ की फटकार व उनके सख्त निर्देश पर श्री राम ने ही नाला उड़ाही काम शुरू कराया था. लेकिन पूरा कराये बगैर बीच में छोड़ कर चले गए. बाद में सूचना देने पर भी नहीं आये. उन पर भरोसा नहीं रहा. उन पर सांसद, विधायक व वरिय अधिकारियों का निर्देश भी बेअसर ही साबित हुआ है.
दुकानदारी हो गई है चौपट: धरना-प्रदर्शन के बाद एसडीओ ने नप अधिकारी को दहलान रोड से गांधी चौक, मीर टोला से गांधी चौक, मछली बाजार से गांधी पथ, गांधी चौक से एबीएन हॉल व अनिरुद्ध गुप्ता के घर से एबीएन हॉल तक नाला साफ कराने का निर्देश दिया था. एसडीओ ने तीन दिनों का समय दिया था. जबकि 20 दिनों में भी दहलान चौक से गांधी चौक तक के नाले की सफाई नहीं की जा सकी. आधी-अधूरी सफाई किए जाने से लोगों की परेशानी घटने की बजाय बढ़ती चली गई है. नाला ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रहा है. सारी दुकानदारी चौपट हो चुकी है. आम राहगीरों ने अपना रास्ता भी बदल लिया है. इधर बीएसएनएल ऑफिस के पास लोग मिट्टी भरा अपनी दुकानों को उंचा कराने में लगे हुए हैं. लेकिन नप नाले की सफाई के प्रति गंभीर नहीं हो रहा है.