तीसरे दिन भी जारी रही सफाई कर्मियों की हड़ताल
शहर के बाजार व मोहल्लों मे लगा कूड़ा का अंबार
उपसभापति ने दिया सफाईकर्मी के हड़ताल को समर्थन
सहरसा : नगर परिषद में सफाई व्यवस्था निजी एजेंसी को सौंपे जाने के फैसला लिये जाने के बाद आक्रोशित सफाई कर्मियों की हड़ताल सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रही. सफाई कर्मियों ने अपनी मांग को लेकर कार्यालय पहुंच जमकर बवाल काटा. सफाई कर्मियों ने नप प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते कार्यालय में मैला व कचरा फेंक दिया. इसके पूर्व नप के मुख्य द्वार को भी कचरे से भर दिया.
सफाई कर्मियों के आक्रोश को देखते नप का कामकाज ठप हो चुका है. नगर परिषद के कर्मी परिसर में प्रवेश करने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं. सफाई कर्मियों ने कहा कि वर्ष 2013 से मजदूरों के साथ हुए समझौते पर भी नप प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रही है.
कूड़ा व कचरे से त्रस्त हुआ शहर: नगर परिषद में सफाई कर्मियो की संख्या व वेतनमान को लेकर पूर्व में भी कई बार आंदोलन हो चुके हैं. तीन दिनों से जारी हड़ताल के कारण शहर में कुड़े का उठाव नहीं हो रहा है. नगर परिषद में कही भी सफाई मजदूर नहीं काम कर रहे हैं. सफाई मजदूरों का आरोप है कि उनलोगों को निजी कंपनी को सौंप राशि की बंदरबाट की जायेगी.
मांगें पूरी होने तक होगा आंदोलन : सफाई कर्मियों ने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि जब तक नगर परिषद के नियम के अनुसार सेवा का लाभ नहीं दिया जायेगा. तब तक नप में कामकाज ठप रखा जायेगा. सफाई कर्मी नप कार्यपालक पदाधिकारी के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे थे.
कहते हैं सभापति : नप सभापति राजू महतो ने कहा कि सफाई कर्मियों की युक्तिसंगत मांग मानी जायेगी. रायशुमारी की जा रही है. सफाई कर्मी हड़ताल समाप्त करे.
कहते हैं उपसभापति : नगर परिषद की उपसभापति रंजना सिंह ने कहा कि सफाई कर्मी पूरी जिंदगी नगर की सेवा में लगे रहे हैं. जब सेवा लाभ मिलना चाहिए तो उन्हें काम से बेदखल करने की साजिश रची जा रही है. नगर परिषद कर्मियों की मांग पूरी करे. जनता शहर में फैली गंदगी से परेशान है. नगर के हित में सफाईकर्मियों के आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन देती हूं.
कहते हैं कार्यपालक पदाधिकारी : नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी दिनेश राम कहते हैं कि सफाईकर्मियों को जितनी सुविधा देने की घोषणा हो चुकी है. वह सभी उन्हें नप मुहैया करायेगी. अन्य मांग पर भी शीघ्र विचार किया जायेगा.
