हर महीने ढाई करोड़ खर्च फिर भी गंदा है ये शहर

280 स्वीपर को प्रतिमाह 14 लाख रुपये का वेतन जमादार व चालक के वेतन पर 60 हजार का खर्च ट्रैक्टर व टीपर में दो लाख रुपये का जलता है डीजल सहरसा मुख्यालय : नगर सरकार 40 वार्डों के इस शहर में सफाई पर हर महीने ढाई करोड़ रुपये खर्च करती है. यह राशि किसी योजना […]

280 स्वीपर को प्रतिमाह 14 लाख रुपये का वेतन

जमादार व चालक के वेतन पर 60 हजार का खर्च
ट्रैक्टर व टीपर में दो लाख रुपये का जलता है डीजल
सहरसा मुख्यालय : नगर सरकार 40 वार्डों के इस शहर में सफाई पर हर महीने ढाई करोड़ रुपये खर्च करती है. यह राशि किसी योजना के तहत न तो केंद्र सरकार देती है और न ही राज्य सरकार. बल्कि नगर परिषद क्षेत्र के नागरिकों द्वारा दिए जाने वाले होल्डिंग टैक्स की राशि से खर्च किया जा रहा है. बावजूद शहर में सफाई की स्थिति बद से बदतर है. नालों की दशा तो शहर में नगर परिषद की कुव्यवस्था को बताने के लिए काफी है. शहरी क्षेत्र के किसी भी नालों की नियमित सफाई नहीं होती है. नालों के उपर से गंदे पानी का बहाव होना या ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैलना आम बात है.
नालों के गंदे व संक्रमित पानी का वापस घरों में प्रवेश करना भी सामान्य हो चुका है. हालांकि शहर के कई इलाकों में नाले का बहाव स्थायी रूप से पूरी तरह अवरुद्ध हो चुका है. कुछ इलाकों में बहाव मार्ग व नप के जलजमाव क्षेत्र का अतिक्रमण हो चुका है. लेकिन नप प्रशासन को इससे कोई फर्क पड़ता नहीं दिख रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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