-तन पर कपड़ों का बोझ हो रहा कम, अलाव से दूर होने लगे लोग
सहरसा मुख्यालय : वसंत ऋतु का आगमन हो चुका है. फुलवारियों के सभी पौधों में रंग-बिरंगे फूल खिलने लगे हैं. अब घीरे-धीरे ठंड की विदाई होने लगी है. ठिठुरन और कंपकंपी के दिन लगभग बीत चुके हैं. धूप में भी क्रमश: तीखापन आने लगा है. दिन में शरीर पर कपड़ों का बोझ कम हो जा रहा है. अलाव की भी जरूरत अब नहीं के बराबर महसूस होती है.
बच्चों और बूढों में एक बार फिर से वही पुरानी ताजगी दिखने लगी है. ठंडा पानी पीने में हिचक नहीं हो रही है और न ही ठंडे पानी से स्नान करने में परेशानी हो रही है.
लेकिन मौसम का लुत्फ उठाने के चक्कर में लोग लापरवाही भी बरतने लगे हैं. जबकि जाता ठंड अधिक खतरनाक होता है. लोगों को यह तेजी से बीमार करता है. डॉक्टर बताते हैं कि मौसम परिवर्तन के समय अत्यधिक सचेत रहने की जरूरत होती है.
सुबह-शाम ठंड से रहें सचेत
वरिष्ठ चिकित्सक डा एस प्रसाद कहते हैं कि आती और जाती दोनों ठंड में लापरवाही खतरनाक होती है. यह लोगों को सरदी, खांसी, बुखार, उलटी और दस्त जैसी बीमारियों से ग्रस्त कर देती है. शरीर में ऐंठन बीमारी का प्रमुख लक्षण होता है. ठंड से बचाव ही इन बीमारियों से बचने का एक मात्र तरीका है. उन्होंने कहा कि लोगों को अभी कम से कम फरवरी माह के अंत तक ठंड से पूरी तरह बच कर रहना चाहिए. सुबह-शाम स्वेटर, गुलबंद और जूते-मोजे के उपयोग को नहीं छोड़ना चाहिए. सुबह-शाम के अलावा रात में गरम पानी ही पीना चाहिए. तबीयत बिगड़ने की स्थिति में तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
फर्जी वैकेंसी के चक्कर में तो नहीं फंस रहे छात्र!
-मानव अधिकार सेवा शक्ति संस्था के विभिन्न पदों के लिए आवेदन करने की लगी है होड़
सहरसा सिटी/सिमरी नगर : शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण क्षेत्र के डाकघर. सभी जगह फॉर्म जमा करने की होड़ लगी है. बेरोजगार दस रुपये में फॉर्म खरीद डाकघर में जमा करने के लिए सुबह से लाइन में लगे रहते हैं. शायद उन्हें मालूम नही कि वह जिस फॉर्म को जमा करने के लिये इतने परेशान हैं, वह सही है या फर्जी. इन दिनों सभी फॉर्म विक्रेताओं के पास भी काफी भीड़ देखी जा रही है.
विगत कुछ दिनों से डाकघर में दिन भर अफरा-तफरी की स्थिति बनी हुई है. आवेदन जमा करने पहुंचे आवेदनकर्ताओं ने बताया कि फॉर्म भरने की अंतिम तिथि नजदीक आने की वजह से भीड़ बढ़ गयी है और फॉर्म भरना मुश्किल हो गया है. आवेदन करने पहुंचे लोग मुख्य रूप मानव अधिकार सेवा शक्ति का फॉर्म भर रहे हैं और फॉर्म को भरने की अंतिम तिथि दस फरवरी है. वहीं प्रशासन द्वारा भी किसी फॉर्म पर ध्यान नहीं देने की वजह से स्थिति और भयावह हो गयी है. अभ्यर्थी यह समझ नही पा रहे हैं कि वह जो आवेदन कर रहे हैं वह सही है या गलत. बेरोजगारों की तादाद ज्यादा रहने की वजह से लोग बाजार में कोई फॉर्म आते ही उसे भरने के लिये तैयार हो जाते हैं. पूछने पर आवेदनकर्ताओं ने बताया कि सब भर रहा है, इसीलिए हम भी भर रहे हैं.
हजारों परीक्षार्थी अब तक खरीद चुके हैं फॉर्म
मानव अधिकार सेवा शक्ति संस्था द्वारा निकाली गयी वैकेंसी पर लोगो को शक होने लगा है. मोतिहारी में जांच के आदेश के बाद लोग सकते में आ गये हैं. गुरुवार को खगड़िया में भी संस्था की जांच के आदेश दिये गये हैं. फॉर्म पर दिया गया नंबर भी नहीं लग रहा है. जानकारी के अनुसार सहरसा की तरह मोतिहारी में भी फॉर्म भरने को लेकर मारामारी चल रही थी.
जिसके बाद प्रशसन ने जांच के आदेश दिये. जांच की बात सुनते ही दुकानों से रातो-रात फॉर्म गायब हो गये. लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच की मांग की है. निकाली गयी वैंकेंसी में पूरे राज्य के लिये जिला प्रबंधक के 38, रिसेपनिस्ट के 38, कंप्यूटर ऑपरेटर सह लेखापाल के 38, प्रखंड निरीक्षक के 545, प्रखंड सर्वे पदाधिकारी के 545, पंचायत किसान के 6500, महिला पंचायत शिक्षक के 4500, पुरूष पंचायत शिक्षक के 4200, ऑफिस पियून के 38, मार्केटिंग ऑफिसर के 540 पदों पर बहाली निकाली गयी है. जिसमें आयु सीमा 18 से 40 वर्ष रखा गया है. फॉर्म की कीमत दस रुपये है. दस रुपये की दर से अब तक हजारों अभ्यर्थी इसे खरीद चुके हैं.
