सहरसा : विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं की शिकायत के निवारण को लेकर आयोग की सुनवाई के दौरान लोगों ने विभाग पर कई आरोप लगाये. बिजली बिल के नाम पर उपभोक्ताओं को मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते मीटर रीडिंग पर प्रश्नचिह्न लगाया. उपभोक्ताओं ने आयोग से बिजली उपभोक्ताओं का ख्याल रखने का आग्रह करते हुए महीने में एक दिन उपभोक्ता से संबंधित शिकायत व निवारण की तिथि घोषित करने की मांग की.
ताकि विद्युत व बिल विपत्र संबंधी शिकायतों का निवारण किया जा सके. बिजली उपभोक्ता संघ के भोला प्रसाद गुप्ता ने ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के मामले को उठाते हुए बिना बिजली जलाये ही विभाग द्वारा बिल भेजे जाने को लेकर कई उदाहरण प्रस्तुत करते हुए विभाग की कारगुजारी की शिकायत की. ग्रामीण विद्युत उपभोक्ता बिंदेश्वरी मुखिया से संबंधित मामले की शिकायत करते कहा गया कि बिना बिजली जलाये 15 साल से बिजली बिल भेजा जा रहा है. जबकि संबंधित विभाग को आवेदन देने के बावजूद शिकायत निवारण व जांच पर कोई ध्यान नहीं दिया गया.
मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग के सदस्य ने सात दिनों में मामले की जांच कर स्थानीय अधिकारियों को निष्पादन करने का निर्देश दिया. उपभोक्ता रामसुंदर साहा ने कई क्षेत्रों बांस बल्ले के सहारे बिजली पहुंचाये जाने की शिकायत की. जिसके कारण कई घटनाओं का जिक्र करते हुए विभाग को शिकायत किये जाने के बावजूद अब तक इस दिशा में कोई सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया. उपभोक्ता नीलम छपडि़या ने महिला व सीनियर सिटीजन उपभोक्ताओं का ख्याल रखते हुए अलग से विद्युत बिल जमा करने की काउंटर खोले जाने की मांग की. आयोग के सदस्य ने स्थानीय अधिकारियों को उपभोक्ताओं का ख्याल रखते हुए उनकी शिकायतों का जहां निवारण करने का भरोसा जताया. वहीं बिजली बिल विपत्र से संबंधित शिकायतों को दूर करने के लिए महीने में एक दिन जनसुनवाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भरोसा जताया. ताकि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निष्पादन किया जा सके. मौके पर विभाग के अधीक्षण अभियंता अजय प्रसाद, कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार नंदन, सहायक विद्युत अभियंता ग्रामीण अनिल कुमार, सहायक विद्युत अभियंता लेखा कृष्णा प्रसाद सहित अन्य मौजूद थे.
