महिषी : पंचायत निर्वाचन 2016 में क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में मुखिया, सरपंच, पंसस, जिप सदस्य, वार्ड सदस्य व ग्राम कचहरी पंचों के पद आरक्षण व वार्डों के परिसीमन बदले जाने की आशंका से जनप्रतिनिधियों सहित संभावित प्रत्याशियों में बेचैनी का आलम बरकरार है. आरक्षण नीति निर्धारण सार्वजनिक नहीं होने से दशकों से कब्जा जमाये मुखियाजी को राजनीतिक भविष्य डगमगाने का भय सताने लगा है.
आदर्श आचार संहिता की घोषणा से पूर्व पंचायतों में आवंटित निधियों की योजना चला अपनी बाजी अपने हाथ करने में लगे हैं. प्रतिदिन राजनीतिक दिग्गजों का जमावड़ा निर्वाचन शाखा में संभावित आरक्षण की जानकारी पाने की उत्सुकता लिए आता हैं व एक दूसरे से हाल-चाल पूछ कयास लगाने में व्यस्त दिखते हैं. ऐसी चर्चा है कि आरक्षण के उलटफेर में कई दिग्गज धराशायी होंगे.
