… और वार्ड नंबर 22 की सड़क पर फैला नाले का पानी निकासी मार्ग के अवरुद्ध रहने से तालाब में तब्दील हुई सड़कपहले बंद हुई घरों की खिड़की और अब हो गए हैं घरों में कैदत्राहिमाम हैं मुहल्ले के लोग, बेपरवाह बना है नगर परिषदप्रतिनिधि, सहरसा मुख्यालयनगर परिषद के अधिकारी, कर्मचारी व पार्षदों की लाल फीताशाही के कारण शहर लगातार नरक में तब्दील होता जा रहा है. लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है, लेकिन नप प्रशासन समाधान करने की बजाय अन्य योजनाओं को पास करने और कराने में उलझा हुआ है. वार्ड नंबर 16 स्थित चाणक्यपुरी के बाद वार्ड नंबर 22 में भी नालों से उत्पन्न विकट स्थिति सामने आ गयी है, जहां नाले के मुहाने के अवरुद्ध रहने से नाले का गंदा व बदबूदार पानी मुहल्ले की सड़कों पर ही फैल गया है और उसी सरांध वाले पानी में लोगों के चलने की नियति बनी हुई है. –नाले में कभी नहीं चला है कुदालप्रभात खबर के अभियान में वार्ड नंबर 22 के नालों पर बार-बार फोकस किया जाता रहा है, लेकिन न तो परिषद कभी सजग हुआ और न ही यहां के पार्षद. लिहाजा सफाई की दृष्टिकोण से यह वार्ड हमेशा से ही पिछड़ा रहा. पूरे वार्ड के किसी भी नाले में कभी कुदाल नहीं चलाया गया. लिहाजा बनगांव रोड स्थित मुख्य सड़क का नाला हो या अंदर मुहल्ले का, सबके सब ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहते रहते हैं. मुहल्ले के नाले की निकासी बटराहा रोड से पूरब स्थित रेलवे के खाली क्षेत्र में होता है. लेकिन इस निकासी मार्ग की कभी सफाई नहीं किए जाने से नाला पूरी तरह जाम हो गया है और पानी का बहाव पूरी तरह रूक गया है. इससे मुहल्ला नाले के पानी से तालाब बन गया है. गंद से बचने के लिए लोगों ने पहले अपने घरों की खिड़की बंद की. फिर स्थिति बेकाबू हो जाने के बाद वे अपने ही घरों में कैद हो गये है. नाले का पानी वापस उनके घरों में जा रहा है. इससे मुहल्ले में त्राहिमाम की स्थिति बन गयी है. फोटो- नाला 1- सड़क पर फैला नाले का गंदा पानीफोटो- नाला 2- पूरी तरह सूखा और अवरुद्ध है निकासी का मुहाना
... और वार्ड नंबर 22 की सड़क पर फैला नाले का पानी
… और वार्ड नंबर 22 की सड़क पर फैला नाले का पानी निकासी मार्ग के अवरुद्ध रहने से तालाब में तब्दील हुई सड़कपहले बंद हुई घरों की खिड़की और अब हो गए हैं घरों में कैदत्राहिमाम हैं मुहल्ले के लोग, बेपरवाह बना है नगर परिषदप्रतिनिधि, सहरसा मुख्यालयनगर परिषद के अधिकारी, कर्मचारी व पार्षदों की लाल […]
