सुपौल से कंबल बेचने आया फेरी वाला

सुपौल से कंबल बेचने आया फेरी वालाजाड़े के मौसम में भेड़ के बाल से हस्तकरघा निर्मित कंबल की मांग बढ़ जाती है. सुपौल जिले के लौकाहा थाने के कजहा गांव में अत्यधिक संख्या में भेड़ पालन किया जाता है. करीब सौ परिवारों की मुख्य पेशा है भेड़ पालन. कोसी क्षेत्र में सालों भर घूम-घूम कर […]

सुपौल से कंबल बेचने आया फेरी वालाजाड़े के मौसम में भेड़ के बाल से हस्तकरघा निर्मित कंबल की मांग बढ़ जाती है. सुपौल जिले के लौकाहा थाने के कजहा गांव में अत्यधिक संख्या में भेड़ पालन किया जाता है. करीब सौ परिवारों की मुख्य पेशा है भेड़ पालन. कोसी क्षेत्र में सालों भर घूम-घूम कर भेड़ को खेत खलिहानों में चराते हैं. करीब दो दर्जन परिवार हस्तकरघा से कंबल तैयार कर छोटे-बड़े शहरों व गांवों में साइकिल से घूम-घूमकर बेचते हैं. सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर बाजार में कंबल बेचने आये हैं रामचन्द्र मंडल. फोटो । अजय कुमार

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