पोलियो जागरूकता रैली के नाम पर खानापूर्ति

आम लोगों के बजाय स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में बैठे लोगों को किया जागरूक दो दर्जन सेविका व आशा भी नहीं थी रैली में शामिल सहरसा सिटी : सरकार पोलियो मुक्त होने के बावजूद इसे जड़ से मिटाने के लिये लाखों रूपये खर्च कर रही है. लेकिन स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही से सरकार के प्रयास […]

आम लोगों के बजाय स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में बैठे लोगों को किया जागरूक

दो दर्जन सेविका व आशा भी नहीं थी रैली में शामिल
सहरसा सिटी : सरकार पोलियो मुक्त होने के बावजूद इसे जड़ से मिटाने के लिये लाखों रूपये खर्च कर रही है. लेकिन स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही से सरकार के प्रयास का कोई खास असर देखने को नही मिल रहा है. आगामी 17 से 21 जनवरी तक आयोजित पोलियो उन्मूलन अभियान की सफलता के लिये सदर अस्पताल से निकली रैली अधिकारियों की लापरवाही के कारण मजाक बन कर रह गया.
निर्धारित समय से एक घंटे की देरी करने के बाद भी रैली में सेविका व आशा की संख्या दो दर्जन तक नहीं पहुंच पायी. मालूम हो कि शनिवार को अभियान की सफलता के लिये सदर अस्पताल से आंगनबाड़ी सेविका व आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा जागरूकता रैली निकाली गयी थी. रैली को सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अनिल कुमार व सीडीपीओ सुनैना कुमारी ने संयुक्त रूप से झंडी दिखाकर रवाना किया.
सौ कदम भी नहीं चली रैली
सदर अस्पताल से निकली रैली बमुश्किल से सौ कदम भी नहीं चली. लोगों को जागरूक करने के बजाय रैली में शामिल अधिकारी व सेविका सदर अस्पताल के मुख्य द्वार से निकल संत रविदास चौक व पोस्टमार्टम हाउस के बगल से गुजर अस्पताल परिसर में स्थित जिला प्रतिरक्षण कार्यालय में समाप्त हो गया.
मालूम हो कि विभाग लोगों को जागरूक करने के अभियान से पूर्व जागरूकता रैली निकालता है. लेकिन शनिवार को निकली रैली आम लोगो को जागरूक करने के बजाय स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में बैठे लोगों को जागरूक करती नजर आयी. प्रमंउडलीय मुख्यालय में ऐसे राष्ट्रीय अभियान की सफलता में लापरवाही बरतना काफी चर्चा में है.
दो दर्जन भी शामिल नहीं
लोगों को जागरूक करने के लिये बाल विकास परियोजना व आशा कार्यकर्ताओं क ो जबावदेही दी गयी थी. जिसमें सभी आंगनबाड़ी सेविका व आशा कार्यकर्ताओं को शामिल होना था. लेकिन शहरी क्षेत्र के 83 आंगनबाड़ी केंद्रो व आशा कार्यकर्ताओं में मात्र 18 से 20 सेविका व कार्यकर्ता ही शामिल हुई. वह भी निर्धारित समय से एक घंटे बाद तक इंतजार करने के बाद संख्या पुरी हो पायी. कई लोगों ने बताया कि विभाग द्वारा सभी सेविका को कार्यक्रम की सूचना भी नहीं दी जाती है.
वरीय अधिकारी के निर्देश को नजरअंदाज कोई नहीं कर सकता है. यदि कोई नजरअंदाज कर रहा है तो विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए. सबसे बड़ी बात तो यह है कि सीडीपीओ व महिला पर्यवेक्षिका कुमारी रिंकू व ज्योत्सना कुमारी ससमय सदर अस्पताल पहुंच गयी थी. लेकिन उस समय सेविका व आशा की संख्या एक दर्जन भी पार नहीं कर पायी थी.
काफी प्रयास के बाद एक घ्ंाटे तक इंतजार करने के बाद संख्या में कुछ इजाफा हुआ. मौके पर एसआरसी डॉ अभयकांत श्रीवास्तव, डॉ एसके अनुज, एसएमसी बंटेया मेहता, बीएमसी प्रसुन कुमार, महफुज आलम, महताब आरिफ, संजय कुमार सिंह सहित अन्य मौजूद थे.

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