न्यायालय ने दो हजार के अर्थदंड की भी सुनायी सजा
सहरसा. जिले के नवहट्टा थाना कांड संख्या 220/24 मामले में बुधवार को न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया. न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी भवानी प्रसाद की अदालत ने इस कांड के अभियुक्त अर्जुन कुमार को दो धाराओं में ढाई-ढाई वर्ष के कारावास एवं दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनायी. न्यायालय ने आदेश में कहा कि अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को 30 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. इस मामले में अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्य मजबूती से प्रस्तुत किया. जिसके आधार पर अदालत ने दोष सिद्ध मानते यह निर्णय सुनाया. मामले के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल नौ गवाहों की गवाही करायी गयी. सभी गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य एवं अनुसंधान की प्रक्रिया के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त के विरुद्ध आरोपों को प्रमाणित पाया. सरकार की ओर से इस मामले में अभियोजक प्रदीप कुमार गिरी ने अपना पक्ष सशक्त रूप से रखा. उन्होंने साक्ष्यों के माध्यम से यह सिद्ध किया कि अभियुक्त के पास से अवैध हथियार बरामद हुए थे एवं उसका कृत्य आर्म्स एक्ट के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. अभियोजक की सुदृढ़ दलीलों के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया. इस मामले के सूचक सहायक अवर निरीक्षक रौशन कुमार थे, जबकि अनुसंधान का कार्य संजीव कुमार ने किया. अनुसंधान के दौरान साक्ष्यों का संकलन, जब्ती पत्र एवं गवाहों के बयान समय पर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला सुदृढ़ हुआ.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
