सहरसा : नये परिवहन नियमों के अनुसार जुर्माने की राशि 10 गुनी बढ़ते देख सभी पुराने गाड़ी मालिक एवं वाहन चालक कागजों को दुरुस्त कराने में लग गये हैं. लगातार हो रही जांच से जहां सड़कों पर 30 प्रतिशत से अधिक वाहन कम हो गये हैं.
वहीं सड़कों पर दुर्घटनाओं का सिलसिला भी काफी कम हो गया है. नाबालिग वाहन चालकों पर भारी भरकम जुर्माना को देखते हुए अभिभावक भी बच्चों को गाड़ी सौंपने से पहले सौ बार सोचने लगे हैं. इन सब के अलावे कागजातों की कमी वाले वाहन चालक एवं वाहन मालिक समय से पूर्व ही डीटीओ कार्यालय पहुंच कागजों को दुरुस्त कराते देखे जा रहे हैं. नये ड्राइविंग लाइसेंस के लिये जहां लंबी कतार लग रही है.
वहीं कागजों को दुरुस्त कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन के लिए कैफे पर एवं डीटीओ कार्यालय में भीड़ काफी बढ़ गयी है. परिवहन विभाग द्वारा लगातार किए जा रहे जांच एवं नये परिवहन नियम के आधार पर किये जा रहे जुर्माने से लोगों की परेशानी काफी बड़ी हुई है. वैसे दो चक्के, चार चक्के वाहन मालिक जो बिना किसी कागजातों के धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ते थे, वैसे वाहनों का चक्का थम गया है.
बढे जुर्माने का खौफ इस कदर देखा जा रहा है कि 50 प्रतिशत से अधिक दो चक्के वाहन चालक हेलमेट का प्रयोग करने लगे हैं. डीटीओ कार्यालय में जहां 10 से 15 ड्राइविंग लाइसेंस प्रतिदिन भी नहीं बनते थे, वहां सैकड़ों नये लाइसेंस के लिए आवेदन आने शुरू हो गये हैं. परिवहन विभाग के इर्द-गिर्द वाहन मालिकों एवं चालकों का जमावड़ा लगने लगा है.
डीएल के लिए लगती है लंबी लाइन: नये परिवहन नियम व जुर्माना की राशि में बढ़ी बढ़ोतरी से वाहन मालिकों में कागजात पूरा करने की होड़ मची है.
वाहन मालिकों का परिवहन विभाग में बढ़ती भीड़ में अधिकांश ड्राइविंग लाइसेंस के लिए होते हैं. नये लाइसेंस बनाने के लिए वाहन चालक समय से पूर्व ही डीटीओ कार्यालय के लाइसेंस बनाने वाले काउंटर पर लाइन में खड़े हो जाते हैं. लाइन में किसी तरह का हंगामा ना हो, इसके लिए पुलिस बल मुस्तैद रहते हैं. वे लोगों को लाइन में लगाने में दिन भर लगे रहते हैं.
इस बाबत पूछे जाने पर विभाग के वरीय लिपिक मृत्युंजय कुमार ने कहा कि जैसे जैसे लोगों को नये परिवहन नियम एवं जुर्माने की जानकारी हो रही है, लोगों में बेचैनी देखी जा रही है. उन्होंने बताया कि पूर्व में 10 से 15 आवेदन लर्निंग लाइसेंस के लिए आते थे जो सौ गुना से अधिक बढ़ चुका है. उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में लगभग चार सौ लर्निंग एवं एक सौ से अधिक परमानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन आ चुके हैं. उन्होंने कहा कि एक सितंबर से नया प्रावधान लागू किया गया है. लगातार जांच के बाद लोगों को नये परिवहन नियम की जानकारी होने लगी है.
10 बजे रात तक लेते हैं प्रदूषण प्रमाणपत्र
सभी तरह के वाहनों के लिए प्रदूषण प्रमाण पत्र की आवश्यकता को देखते हुए वाहन मालिक प्रदूषण प्रमाण पत्र के लिए प्रदूषण केंद्र पर भी घंटों खड़े रहकर प्रमाण पत्र लेने में लगे हैं. पहले जहां प्रदूषण प्रमाण पत्र की लोग जरूरत तक नहीं समझते थे. इन दिनों इनकी जरूरत इतनी आ गयी है कि सुबह आठ बजे से लेकर 10 बजे रात्रि तक लोग प्रदूषण केंद्र पर पहुंचकर प्रदूषण प्रमाण पत्र लेने में लगे हैं.
नये वाहन नियम में इस प्रमाणपत्र पर भी बडा जुर्माना को देखते हुए लोग इससे बचने के लिए जी जान से जुट गये हैं. प्रदूषण प्रमाण पत्र के लिए प्रदूषण केंद्र पर जहां इक्के दुक्के जागरूक वाहन चालक ही पहुंचते थे. लेकिन अब सभी तरह के वाहन चालक एवं वाहन मालिक प्रदूषण केंद्र पहुंचकर घंटों इंतजार के बाद प्रमाण पत्र लेने में सफल हो रहे हैं. उन्हें ऐसा प्रतीत होता है कि प्रमाण पत्र लेकर वे बड़ी जंग जीत चुके हैं.
