होम मेकर अवार्ड से सम्मानित हुई सहरसा की पिंकी सरस्वती

सहरसा : शहर के न्यू कॉलोनी निवासी भृगुनंदन ठाकुर की पुत्री पिंकी सरस्वती को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत दिल्ली में बेस्ट होम मेकर के रूप में सम्मानित किया गया है. निजी संस्थानों द्वारा केंद्र सरकार के इस सामाजिक अभियान के तहत समाज के विभिन्न क्षेत्र की कार्यशील महिलाओं को उनके उल्लेखनीय योगदान […]

सहरसा : शहर के न्यू कॉलोनी निवासी भृगुनंदन ठाकुर की पुत्री पिंकी सरस्वती को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत दिल्ली में बेस्ट होम मेकर के रूप में सम्मानित किया गया है. निजी संस्थानों द्वारा केंद्र सरकार के इस सामाजिक अभियान के तहत समाज के विभिन्न क्षेत्र की कार्यशील महिलाओं को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है.

पिंकी सरस्वती को बतौर सफल गृहिणी बच्चों में इस प्रेरक भाव के विकास एवं समाज में भी बेटी पढ़ाओ की चेतना विकसित करने के लिए समय-समय पर किये गये सामाजिक कार्य के लिए बेस्ट होम मेकर अवार्ड से सम्मानित किया गया. पिंकी ने बताया कि होम मेकर अवार्ड के रूप में सम्मान सहज ही एक गृहिणी महिला को सम्मान दिया जाना है. यह एक प्रेरणा है कि कोई भी कार्य छोटा नहीं होता.
बशर्ते कार्य में ईमानदारी और लगन बनी रहे. पिंकी की शिक्षा-दीक्षा सहरसा के ही रमेश झा महिला कॉलेज से हुई है. संप्रति पिंकी अपने पति प्रसिद्ध संगीतकार गोविंद सरस्वती एवं दो बच्चों के साथ दिल्ली में रहती हैं. विवाह के बाद दिल्ली में भी पिंकी सामाजिक कार्यों और आयोजनों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती रही है. सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में समाज के महिलाओं की भागीदारी रही.
खासकर पुलिस विभाग की महिला अफसरों की उपस्थिति बनी रही. पिंकी अपने इस सम्मान का श्रेय अपने पति गोविंद सरस्वती के सदा सकारात्मक सहयोग एवं परिजनों के आशीर्वाद एवं स्नेह को देती हैं. पिंकी के सम्मानित होने पर स्थानीय दिलीप राय, रत्नेश झा, संजय ठाकुर, आलोक झा, बीएन सिंह पप्पन, मनोज झा, दिलीप कुमार, सागर राय, डॉ राजेश कर्ण, शंभु उपाध्याय, सुमित अग्रवाल व अन्य ने बधाई दी है.
ढाबा चलाने वाले का पुत्र आइवीआरआइ में हुआ सफल
सहरसा. प्रगति क्लासेस के छात्र एवं सहरसा के बंगाली बाजार में ढाबा चलाने वाले जवाहर यादव के पुत्र रितेश राज का चयन देश के सर्वश्रेष्ठ पशु अनुसंधान केंद्र भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आइवीआरआइ) इज्जत नगर बरेली में हुआ है. ज्ञात हो इस संस्थान में चयन नीट की परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर हुआ है.
प्रगति क्लासेज के संस्थापक नंदन कुमार ने कहा छोटे शहर एवं छोटे शहरों में तैयारी कर जब बच्चे का इस तरह से बड़े संस्थान में चयन होता है तो, यहां के लोगों के साथ बच्चों का भी मनोबल बढ़ता है. रितेश की दसवीं तक की पढ़ाई बरियाही स्थित शांति मिशन एकेडमी से हुई है. जबकि उसने 12वीं की पढ़ाई इवनिंग कॉलेज से की.
इनके पिता जवाहर यादव ने कहा कि वे ढाबा चलाकर अपना जीवन यापन करते हैं. बच्चों की पढ़ाई के लिए ही वे अपने गांव सलखुआ को छोड़ शहर में रह रहे हैं. ईमानदारी से ढाबा चलाने का परिणाम पुत्र की सफलता के रूप में मिली है. उन्होंने अपने बच्चे को आगे भी खूब मेहनत कर जीवन सफल बनाने की बात कही है. साथ ही रितेश के सभी शिक्षकों को धन्यवाद देते उनका आभार जताया है.

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