सहरसा : ट्रेन दुर्घटना पर अंकुश लगाने व रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर समस्तीपुर डिवीजन में रेलवे बोर्ड के निर्देश पर सख्त निर्णय लिया गया है. इसके तहत अब ड्यूटी पर कोई भी रेलवे कर्मचारी स्मार्ट फोन यूज नहीं करेंगे. पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई होगी.
सहरसा जंक्शन सहित डिवीजन के सभी स्टेशनों पर बीते 4 सितंबर को यह नया निर्देश तत्काल प्रभाव से सभी रेल विभाग व कार्यालयों में लागू कर दिया गया है. वहीं सहरसा जंक्शन पर एसएम कार्यालय से लेकर आउटडोर तक में लिखित में सूचना जारी कर दी गयी है. इसके अलावा सभी रेल कर्मचारी अब ड्यूटी में यूनिफॉर्म में नजर आयेंगे.
अगर किसी कारणवश रेलकर्मी यूनिफॉर्म में नहीं पहुंचे तो सख्त कार्रवाई होगी और इसे अनुपस्थित माना जायेगा. हालांकि यह निर्देश काफी पहले ही जारी किया गया था. लेकिन कार्रवाई ना होने पर रेलकर्मी इन नियमों का पालन नहीं कर रहे थे. समस्तीपुर डिवीजन के सीनियर डीओएम अमरेश कुमार ने बताया कि अगर ड्यूटी के दौरान कोई रेलकर्मी स्मार्ट फोन यूज़ करता है तो पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई होगी.
वहीं कई रेलकर्मी कई बार यूनिफॉर्म नहीं पहनने का बहाना बनाते हैं. ऐसे रेल कर्मचारी के भी पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई होगी. इस संदर्भ में सहरसा जंक्शन पर स्टेशन अधीक्षक को लिखित में सूचना भेज दी गयी है.
आरपीएफ पोस्ट पर लगा रेल न्यायालय, वसूला गया 15 हजार जुर्माना
सहरसा. मानसी से सहरसा के बीच विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया. इस दौरान खगड़िया रेल मजिस्ट्रेट तेज कुमार प्रसाद सहरसा जंक्शन पहुंचे. आरपीएफ पोस्ट पर रेल न्यायालय लगाया गया. जिसमें आरपीएफ टीम द्वारा महिला कोच में 11, लगेज यान में 10 व रेलवे ट्रैक पार करते हुए चार को गिरफ्तार किया गया.
वही मजिस्ट्रेट चेकिंग में 7 को गिरफ्तार किया गया. 32 लोगों की पेशी हुई. सभी से जुर्माने के तौर पर लगभग 15000 की राशि वसूल की गयी. इस अभियान में आरपीएफ इंस्पेक्टर सारनाथ, सीआईटी कृष्णाधर, सीटीटीआई बी एन मंडल सहित जीआरपी का भी पूर्ण सहयोग रहा. इस चेकिंग अभियान में मानसी रेड इंचार्ज एके सिंह, मुख्य टिकट परीक्षक रंजीत सिंह भी शामिल थे.
