सहरसा : सहरसा जंक्शन से खुलने वाली अप और डाउन सवारी गाड़ी सहित जानकी एक्सप्रेस के कई कोचों का पंखा व लाइट लंबे समय से खराब है. यात्रियों द्वारा इसकी शिकायत आये दिन की जाती रही है. लेकिन विभाग इस समस्या को लेकर बिल्कुल भी सजग नहीं है.
सोमवार को जयनगर से मनिहारी जाने वाली जानकी एक्सप्रेस जब सहरसा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंची, तब उससे उतरने वाले यात्रियों की स्थिति देखकर उनकी समस्याओं का अनुमान लगाना आसान था.
पूछने पर पसीने से तर बतर यात्रियों ने बताया कि उस ट्रेन के अधिकांश कोचों का पंखा पूरी तरह से खराब है. रोजाना सफर करने वाले यात्रियों ने कहा कि यह तो रोज का हाल है. यह समस्या एक ट्रेन की नहीं है. सहरसा-समस्तीपुर व सहरसा-पूर्णिया पैसेंजर ट्रेन की भी यही हालत है.
दूसरे यात्री ने कहा कि इतना ही नहीं, यहां के ट्रेनों के पंखों के साथ लाइट का भी यही हाल है. जानकी एक्सप्रेस से मधेपुरा जा रहे यात्री शैलेन्द्र शेखर ने रेल प्रशासन के प्रति काफी विरोध जताते कहा कि मैं आये दिन सफर करता रहता हूं. समस्या सबसे ज्यादा तब होती है, जब रात्रि के समय बिना लाइट व पंखे के सफर करना पड़ता है.
सफर के दौरान महिला पुरूष व बच्चे सभी होते हैं. सुरक्षा का कोई खास इंतजाम नहीं रहता है. हमेशा डर बना रहता है. जानकी एक्सप्रेस के एक कोच में 13 पंखा पूरी तरह से खराब था. पसीने से पूरी तरह लथपथ यात्री का शरीर भीषण गर्मी का दुखद एहसास करा रहा था. बार-बार यात्री यह पूछते देखे गये कि ट्रेन कब तक खुलेगी. ट्रेन चले तो हवा मिले.
